उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। जहां 2 साल के मासूम भागीरथ देवासी की 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरने से मौत हो गई। दरअसल मां के सामने खेलते-खेलते बच्चा बोरवेल में गिर गया था। करीब 22 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने उसका शव बाहर निकाला।
दरअसल यह घटना बड़नगर के झालरिया गांव की है। भागीरथ के पिता पूसाराम देवासी मूल रूप से पाली जिला, राजस्थान के रहने वाले हैं। परिवार भेड़ चराने के लिए इस इलाके में आया हुआ था। रविवार शाम करीब 5 बजे भागीरथ अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान उसने बोरवेल के ऊपर रखा ढक्कन पत्थर से हटा दिया और बाल्टी समझकर उसमें पैर डाल दिया। देखते ही देखते वह करीब 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। यह पूरा घटनाक्रम उसकी मां की आंखों के सामने हुआ, लेकिन कुछ ही पलों में बच्चा इतनी गहराई में चला गया कि उसे बचा पाना संभव नहीं हो सका।
शुक्रवार दोपहर बच्चे का शव बोरवेल से बाहर निकाला गया
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया और एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की टीमों को बुलाया गया। रात भर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाव दल ने बच्चे तक पहुंचने के लिए कई तकनीकों का इस्तेमाल किया। जेसीबी मशीनों की मदद से बोरवेल के समानांतर गड्ढा खोदने की कोशिश भी की गई। करीब 22 घंटे तक लगातार प्रयास के बाद शुक्रवार दोपहर बच्चे का शव बोरवेल से बाहर निकाला गया।
पोस्टमार्टम के लिए बड़नगर के सरकारी अस्पताल भेजा गया शव
मामले में प्रदीप मिश्रा, जो उज्जैन के पुलिस अधीक्षक हैं, ने बताया कि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए बड़नगर के सरकारी अस्पताल भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि बोरवेल खुला क्यों था। उन्होंने कहा कि यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर खुले पड़े बोरवेल के खतरे को उजागर करता है। ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में ऐसे बोरवेल अक्सर बच्चों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। प्रशासन ने भी कहा है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।






