समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जयपुर में पश्चिम बंगाल के सियासी घटनाक्रम पर बयान दिया। दरअसल उन्होंने हुमायूं कबीर और एआईएमआईएम के बीच गठबंधन टूटने को बीजेपी से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि धर्मनिरपेक्ष ताकतों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग इस मामले में एक्सपोज हुए हैं, उनका बीजेपी से गहरा लगाव है।
दरअसल अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में हुए राजनीतिक घटनाक्रम, खासकर हुमायूं कबीर और एआईएमआईएम के गठबंधन टूटने से यह साफ हो गया है कि कई ताकतें धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों को नुकसान पहुँचा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जो लोग एक्सपोज हुए हैं, उनका बीजेपी से गहरा लगाव है। यह बयान उन्होंने राजस्थान के जयपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
बीजेपी से ज्यादा झूठ कोई नहीं बोल सकता: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी से ज्यादा झूठ कोई नहीं बोल सकता। उन्होंने जनता से सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जहां से भी यह ऑडियो या टेप सामने आया है, उस पर पहले से ही चर्चा होती रही है। उनके इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल में एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की पार्टी के बीच गठबंधन टूटने के बाद गरमाई सियासत को नया मोड़ मिल गया है। अखिलेश यादव का इशारा उन आरोपों की तरफ था जिनमें कहा जा रहा है कि बीजेपी परोक्ष रूप से विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
बीजेपी को फायदा पहुंचाने का आरोप
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की पार्टी के बीच गठबंधन हुआ था। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस ने एक टेप जारी किया, जिसमें कथित तौर पर पैसों के लेनदेन का जिक्र होने का आरोप लगाया गया। इस टेप के सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में हड़कंप मच गया। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर बीजेपी से फंडिंग लेकर चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी का दावा है कि इन दलों का मकसद केवल बीजेपी को फायदा पहुँचाना और वोटों का बँटवारा करना है, जिससे तृणमूल कांग्रेस को नुकसान हो।
पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया
दरअसल टेप सामने आने और आरोप लगने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और हुमायूं कबीर से गठबंधन तोड़ने की घोषणा कर दी। पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। एआईएमआईएम ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि वह हुमायूं कबीर के ऐसे किसी भी बयान या गतिविधि का समर्थन नहीं करती, जैसा कि कथित टेप में कहा गया है। इस फैसले के बाद बंगाल की चुनावी राजनीति और दिलचस्प हो गई है, क्योंकि अब एआईएमआईएम अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी।
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार बीजेपी पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह धर्मनिरपेक्ष ताकतों को कमजोर करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाती है। अखिलेश यादव ने इस गठबंधन टूटने को उसी कड़ी का हिस्सा बताया और कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने की कोशिश है।
जयपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कई अन्य मुद्दों पर भी बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट और फाइनल वोटर लिस्ट को लेकर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जहां बीजेपी हारती है, वहां चुनाव आयोग को आगे कर दिया जाता है।






