सरकारी दफ्तरों में समय की पाबंदी और अनुशासन को लेकर उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह एक्शन मोड में हैं। बुधवार को उन्होंने प्रशासनिक संकुल भवन में स्थित कलेक्टर कार्यालय समेत कई विभागों का औचक निरीक्षण किया, जिससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान 56 अधिकारी-कर्मचारी अपनी सीट से नदारद मिले, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से सभी का आधे दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है।

यह कार्रवाई कलेक्टर के उस सख्त रवैये को दर्शाती है, जो उन्होंने पदभार संभालने के बाद से अपनाया है। करीब दो हफ्ते पहले भी उन्होंने एक अस्पताल के निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की थी। इसी कड़ी में बुधवार को उनका काफिला सीधे प्रशासनिक संकुल भवन पहुंचा।

कई बड़े विभागों का किया गया निरीक्षण

कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने अपने निरीक्षण की शुरुआत कलेक्टर कार्यालय से की और फिर एडीएम कार्यालय, अधीक्षक भू-अभिलेख कार्यालय, लोकसेवा प्रबंधन और नाजिर शाखा तक पहुंचे। उन्होंने एक-एक कर कर्मचारियों की उपस्थिति अपने सामने ही दर्ज करवाई। जो भी कर्मचारी और अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं थे, उन्हें अनुपस्थित पाया गया।

कार्रवाई की जद में कई वरिष्ठ और कनिष्ठ कर्मचारी आए हैं। इनमें प्रभारी अधीक्षक सूर्य प्रकाश सोनी, अधीक्षक भू-अभिलेख डॉ. पूनम सिंह शेखावत से लेकर सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, पटवारी, राजस्व निरीक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर और भृत्य स्तर के कर्मचारी तक शामिल हैं।

भविष्य के लिए दी गई सख्त चेतावनी

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने न केवल उपस्थिति जांची, बल्कि परिसर में साफ-सफाई को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय में अनुशासनहीनता और लेटलतीफी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “सभी कर्मचारी और अधिकारी कार्यालय में समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें, अन्यथा भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।” इस औचक निरीक्षण और बड़ी कार्रवाई की चर्चा दिनभर प्रशासनिक गलियारों में होती रही।