उज्जैन में आयोजित कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल वीडियो में कांग्रेस विधायक महेश परमार ‘चिलम तंबाकू’ जैसे गानों पर डांस करते नजर आ रहे हैं। वहीं इसी दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने महाकाल नाम वाला दुपट्टा हटाते हुए भाजपा पर साजिश का आरोप लगाया।
दरअसल उज्जैन के देवास रोड स्थित दताना के एक रिसोर्ट में कांग्रेस का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए ब्लॉक अध्यक्ष, मंडलम अध्यक्ष, विधानसभा प्रभारी और जिला प्रभारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के रुकने की व्यवस्था भी इसी रिसोर्ट में की गई थी।

समर्थकों के साथ डांस करते दिखाई दिए महेश परमार
इसी शिविर से जुड़ा एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में कांग्रेस विधायक महेश परमार अपने समर्थकों के साथ डांस करते दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी भी नजर आ रहे हैं। दोनों नेताओं ने ‘इमली का बूटा बेरी का पेड़’, ‘इस जंगल में हम दो शेर’, ‘फंस गई जल मछली’ और खास तौर पर ‘चिलम तंबाकू का डिब्बा’ जैसे गानों पर जमकर डांस किया। उनके साथ कई कार्यकर्ता भी झूमते हुए दिखाई दिए।

बीजेपी वाले षड्यंत्र करते हैं: अध्यक्ष जीतू पटवारी
जानकारी के मुताबिक यह वीडियो करीब 24 घंटे पहले ‘आरिफ अली’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया था, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का भी एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि जब जीतू पटवारी प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे, तो कुछ लोगों ने उन्हें भगवान महाकाल के नाम वाला दुपट्टा पहनाने की कोशिश की। लेकिन पटवारी ने तुरंत वह दुपट्टा अपने गले से हटाकर अपने सुरक्षाकर्मी को दे दिया। इस दौरान उन्होंने कहा, “इसको पहले रखो, ये बीजेपी वाले षड्यंत्र करते हैं।”
जीतू पटवारी का यह बयान और उनका दुपट्टा हटाने का तरीका अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। इससे पहले भी रतलाम दौरे के दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन पर भगवान के नाम वाला दुपट्टा नीचे फेंकने का आरोप लगा था। उस समय भाजपा ने उन पर सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाया था।






