बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध गायक कैलाश खेर उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर पहुंचे। उन्हें शुक्रवार तड़के भस्म आरती में शामिल होते हुए देखा गया। पार्श्व गायक को अक्सर बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाते हुए देखा जाता है।
बाबा महाकाल की भस्म आरती का हिस्सा बनने के लिए कैलाश सुबह करीब 3 बजे मंदिर पहुंचे।बता दें कि उज्जैन में होने वाले किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में अक्सर कैलाश की मौजूदगी देखने को मिलती है। वो बाबा महाकाल के भक्त भी हैं। आज भी वो भक्ति में लीन दिखाई दिए।
महाकाल पहुंचे कैलाश खेर
कैलाश खेर आज सुबह हुई भस्म आरती में शामिल हुए। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर बाबा के दर्शन किए। इस दौरान वो पूरी तरह से भक्ति में डूबे हुए दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने नंदी जी का अभिषेक पूजन किया और कान में मनोकामना भी बोली।
महाकाल को चढ़ाया जल
नंदी जी के अभिषेक के बाद कैलाश चांदी द्वारा के निकट पहुंचे और पुजारी के माध्यम से बाबा महाकाल को जल अर्पित किया। आरती के बाद महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सिंगर का स्वागत और सम्मान भी किया गया। कैलाश बाबा के दर्शन करने के बाद काफी प्रसन्न दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति महाकाल के दरबार में पहुंच जाता है उसके जन्मों के पाप धुल जाते हैं। भस्म आरती के दर्शन होना भगवान की विशेष कृपा का प्रतीक है। इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति की व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध करवाई जा रही है।
सिंगर का वर्क फ्रंट
कैलाश खेर के वर्क फ्रंट की बात करें तो वो गायकी और सूफी संगीत के दिग्गज हैं। अपनी दमदार आवाज से उन्होंने दर्शकों के बीच खास पहचान हासिल की है। उनका अपना कैलाश नाम से बैंड भी है, जो देश विदेश में लाइव कॉन्सर्ट और शो के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने 18 भाषाओं में 300 से ज्यादा गानों में अपना आवाज दी है। अल्लाह के बंदे, सइयां, तेरी दीवानी, रब्बा इश्क ना होवे उनके सबसे प्रतिष्ठित गानों में शामिल हैं।






