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उज्जैन में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार और लाखों रुपये के नोट जब्त

Written by:Gaurav Sharma
Published:
उज्जैन में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से चार लाख 97 हजार रुपये के नकली नोट और छापने की सामग्री बरामद की गई है।
उज्जैन में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार और लाखों रुपये के नोट जब्त

उज्जैन में नकली नोट छापने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपितों के कब्जे से चार लाख 97 हजार रुपये के नकली नोट के साथ-साथ छापने की सामग्री जैसे सीपीयू, कलर प्रिंटर, कटर, बटर पेपर, स्केल और केमिकल भी बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा की गई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी।

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब एक स्थानीय व्यापारी होरीलाल ने माधव नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दुर्गेश नामक युवक ने उनकी दुकान से वाशिंग मशीन और मोबाइल खरीदने के लिए नकली नोटों का इस्तेमाल किया। बाद में जब व्यापारी को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस के तहत केस दर्ज किया था।

गिरोह की गिरफ्तारी और बरामदगी

पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह के एक प्रमुख सदस्य कमलेश के गोदाम पर छापा मारा। वहां उन्हें कमलेश और प्रहलाद नामक आरोपित मिले, जिनके पास से नकली नोट और छापने की सामग्री मिली। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से नकली नोटों का कारोबार कर रहा था और इन्हें बाजार में चलाने के लिए शुभम और उसके साथियों को चुना गया था।

गिरोह के सदस्य सुनील, जो हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था, ने अपने साथियों के साथ मिलकर नकली नोट बनाने का काम देवास में शुरू किया। पुलिस ने बताया कि सुनील को पहले भी नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया था और वह वर्तमान में देवास जेल में बंद है।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

उज्जैन पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि इस गिरोह की गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है और अन्य संभावित आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले में सख्त कदम उठाएंगे।

पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में नकली नोटों के चलन पर अंकुश लगेगा। इसके साथ ही, व्यापारी वर्ग को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि वे ऐसे मामलों का सामना न करें।

नकली नोटों की समस्या और समाज पर प्रभाव

नकली नोटों का चलन समाज में आर्थिक अस्थिरता का कारण बन सकता है। यह न केवल व्यापारियों के लिए नुकसानदायक है, बल्कि आम जनता के लिए भी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। पुलिस ने इस गिरोह के पकड़े जाने को एक सकारात्मक कदम बताया है, जिससे नकली नोटों के कारोबार में कमी आएगी।

इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से ऐसे अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। आगे की जांच में पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि इस तरह के गिरोहों का नेटवर्क पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।