उज्जैन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारों से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए फ्रीगंज के न्यू कैफे मयूरम से 54 किलो संदिग्ध मिठाई जब्त कर नष्ट कराई। जांच में सामने आया कि पैक मिठाई को मिल्क केक के रूप में तैयार कर ग्राहकों को बेचा जा रहा था। विभाग ने शहर के कई अन्य प्रतिष्ठानों से भी मिठाइयों के नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल भेजे हैं।
विभाग को सूचना मिली थी कि न्यू कैफे मयूरम से अमानक मिठाई बेची जा रही है। जांच में टीम को जोधपुर के पते वाले कार्टन में पैक मिठाई मिली। मौके पर 19 खाली डिब्बे भी मिले, जिसके बाद अधिकारियों ने पूरे स्टॉक की जांच शुरू की और संदिग्ध मिठाई को जब्त कर नष्ट करा दिया।
कैसे पकड़ी गई संदिग्ध मिठाई?
दरअसल खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान पता चला कि प्रतिष्ठान में पैक मिठाई को निकालकर उसे मिल्क केक के रूप में जमाया जा रहा था और फिर ग्राहकों को बेचा जा रहा था। पैकेट पर वेजिटेबल ऑयल, शुगर और मिल्क पाउडर जैसी सामग्री का उल्लेख था। विभाग ने इस उत्पाद को एनालॉग मिल्क केक की श्रेणी में माना और मौके से करीब 54 किलो मिठाई जब्त कर उसे नष्ट कराया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पैकिंग, स्टोरेज और बिक्री की प्रक्रिया की भी जांच की। विभाग का कहना है कि त्योहारों के दौरान मिठाई बेचने वाले प्रतिष्ठानों में गुणवत्ता और लेबलिंग के नियमों का पालन जरूरी है। इसी वजह से जब्त किए गए उत्पाद का नमूना भी परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया, ताकि उसकी गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच कराई जा सके।
किन दुकानों से लिए गए मिठाइयों के नमूने?
वहीं खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने केवल न्यू कैफे मयूरम तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि शहर और आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों से भी मिठाइयों के नमूने लिए। इनमें उन्हेल के राठौर नमकीन से मोतीपाक और मावा पेड़ा, कोठारी कैटर्स नमकीन एंड स्वीट्स से मावा बर्फी और घेवर, न्यू कैफे मयूरम से श्री कृष्णा स्पेशल मिल्क केक और मिल्क केक, तथा जोधपुर स्वीट्स एंड नमकीन से मिल्क केक के नमूने शामिल हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंत शर्मा ने बताया कि सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेज दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रत्येक नमूने की गुणवत्ता के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।






