उज्जैन नगर निगम में 31 वाहनों को नीलामी के जरिए बेचने की तैयारी चल रही है। वर्कशॉप विभाग द्वारा इन वाहनों को बेचा जा रहा है लेकिन अब कांग्रेस द्वारा इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष डॉ रवि राय के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षद अपर आयुक्त के नाम ज्ञापन देने के लिए पहुंचे।
गुरुवार की शाम को कांग्रेस के सभी पार्षद अपर आयुक्त संतोष टैगोर को निगम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचे। सभी ने वाहनों की बिक्री तुरंत रोक कर पूरे मामले की जांच करने की मांग की है।
31 वाहनों की होनी है नीलामी
कांग्रेस पार्षदों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में यह जानकारी दी गई है कि 31 वाहनों का मूल्यांकन करने के लिए निगम वर्कशॉप विभाग के प्रभारी अधिकारी और सहायक इंजीनियर की ओर से मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान को पत्र भेजा गया था। मूल्यांकन करने के बाद इन 31 वाहनों की कीमत 9 लाख 40 हजार 103 रुपए तय की गई है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
नीलामी के लिए रखे गए वाहनों को लेकर कांग्रेस का कहना है कि 13 वाहन अभी भी चालू है। इनका उपयोग अलग-अलग जोन कार्यालय, ट्रेंचिंग ग्राउंड, उद्यान विभाग, कपिला गौशाला, अतिक्रमण गैंग और एमआर 5 के कचरा प्लांट में किया जा रहा है।
चालू हालत की जेसीबी जो 40 से 42 लाख रुपए कीमत रखती है, उसकी कीमत केवल 1 लाख रुपए आंकी गई है। एक महिंद्रा स्कार्पियो है जिसकी कीमत 30000 रखी गई है। ट्रैक्टर ट्राली 10000 रुपए की शुरुआत से नीलाम की जा रही है। इनमें हाइड्रोलिक क्रेन, जीप, डंपर और क्वालिस भी है।
कांग्रेस का क्या कहना
इस मामले में कांग्रेस का कहना है कि जिन वाहनों को बेचा जा रहा है उन्हें बेचने का निर्णय किसके कहने पर लिया गया है और क्या एमआईसी से इस बात की मंजूरी ली गई है। मूल्यांकन करने वाले प्रौद्योगिकी संस्थान के डॉ रवि द्विवेदी और डॉ केआर अहिरवाल के मूल्यांकन पर भी सवाल उठाए गए हैं। इस तरह से कम मूल्यांकन की वजह से निगम को आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई गई है। कांग्रेस ने बिक्री प्रक्रिया को रोकने की मांग की है। यह भी कहा है कि अगर प्रक्रिया नहीं रुकी तो लोकायुक्त से मामलों की शिकायत करेंगे।






