Ujjain News : ट्रिपल मर्डर के आरोपी गिरफ्तार, पैसा बना हत्या की बड़ी वजह

Ujjain News : ट्रिपल मर्डर के आरोपी गिरफ्तार, पैसा बना हत्या की बड़ी वजह

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। उज्जैन पुलिस ने ट्रिपल मर्डर(Ujjain Triple Murder) को आरोपियों को गिरफ्तार कर ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया है। हत्या की वजह  पैसे का लेनदेन निकल कर आई है, पुलिस (Ujjain Police) पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उसने मृतक से लाखों रुपये उधार ले रखे थे जिसे वो वापस मांग रहा था इसलिए उन लोगों ने मां , बेटे और पोते की हत्या कर दी।

उज्जैन के हरिनगर निवासी एक परिवार के तीन सदस्यों की हत्या का खुलासा उज्जैन पुलिस ने किया है। पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मां सरोज नागर, बेटा राजेश और पोता पार्थ की हत्या को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया इसकी गहराई से जांच की गई और सुबूतों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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एसपी ने बताया कि हत्या के 4 दिन बाद पुलिस को शव मिला था। गिरफ्तार आरोपियों में उज्जैन का निवासी है और दूसरा सागर जिले का रहने वाला है। आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि उन लोगों ने मृतक से लाखों रुपए कर्जा ले रखा था। जिसे वापस करने के लिए वो बार-बार दबाव बना रहा था, इसी कारण आरोपियों ने हत्या कर दी।

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गौरतलब है कि पुलिस को सोमवार देर रात उज्जैन (Ujjain News) के इंगोरिया थाना क्षेत्र में चम्बल नदी से करीब सौ मीटर दूर एक शव पड़े होने की सूचना पुलिस (Ujjain Police) के पास पहुंची, घटना स्थल पर जब पुलिस पहुंची तो उसे एक नहीं दो शव मिले , पड़ताल के बाद शव 50 वर्षीय राजेश नागर और 20 वर्षीय पार्थ के निकले। मृतक आपस में पिता-पुत्र निकले। पुलिस जब मृतक के घर जीवाजीगंज थाना क्षेत्र में पहुंची तो उसके होश उड़ गए, पुलिस को यहाँ एक और शव पलंग पेटी में बंधा हुआ मिला, ये शव मृतक राजेश की 80 साल की मां सरोज नागर का था। पिता, पुत्र की हत्या चाकू से गला रेत कर की गई थी। वही बुजुर्ग मां का गला घोटा गया था।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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