पिपलीनाका में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई ने गुरुवार को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों मोर्चों पर दबाव बढ़ा दिया। नगर निगम के नोटिस के बाद 400 से अधिक रहवासी विरोध दर्ज कराने क्षेत्रीय विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के आगर रोड स्थित दफ्तर पहुंच गए। बातचीत के बाद जब विधायक वहां से निकले तो आक्रोशित लोगों ने उनकी गाड़ी बीच रास्ते में रोक ली।
इसके बाद प्रदर्शनकारी विधायक को भाजपा कार्यालय ले गए। कार्यालय के भीतर महिलाएं रोते हुए पहुंचीं और नारेबाजी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शी जानकारी के अनुसार करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक स्थिति तनावपूर्ण रही और लोगों ने मकान टूटने की आशंका पर तीखी आपत्ति दर्ज कराई।
“हमने वोट देकर आपको चुना, लेकिन अब हमारे घरों को ही तोड़ा जा रहा है।” — प्रदर्शन में शामिल महिलाएं
निगम के नोटिस से बढ़ा विवाद
मामले की शुरुआत मंगलवार को जारी उन नोटिसों से हुई, जो पिपलीनाका से गढ़कालिका और भैरवगढ़ मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले भवन स्वामियों को दिए गए। नोटिस में प्रभावित हिस्से को सात दिनों के भीतर स्वयं खाली करने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मकानों का 10 से 20 फीट हिस्सा प्रस्तावित चौड़ीकरण में आ रहा है। उनके मुताबिक यह सिर्फ दीवार या छज्जे का मुद्दा नहीं, बल्कि कई परिवारों के रहने और कमाने की व्यवस्था पर सीधा असर डाल सकता है।
प्रभावित परिवारों ने आजीविका और पुनर्वास पर सवाल उठाए
प्रदर्शन में शामिल संगीता भारती ने बताया कि उनके परिवार में बेटे और पति दोनों की मौत हो चुकी है, और अब वे मजदूरी कर घर चलाती हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि किराए का कमरा लिया जा सके, ऊपर से बीमारी के कारण इलाज भी नियमित नहीं हो पा रहा।
ममता सैनी ने प्रशासन से घर बचाने की मांग दोहराई। उनका कहना था कि यदि पूरा ढांचा तोड़ा गया तो छोटे बच्चों के साथ रहने की जगह नहीं बचेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क के लिए सीमित जमीन ली जाए, लेकिन पूरा मकान न हटाया जाए, क्योंकि बाद में परिवार के लिए सिर्फ एक छोटा कमरा बचने की आशंका है।
150 फीट से 100 फीट, अब रहवासी 80 फीट की मांग पर
नगर निगम जोन-1 कार्यालय की टीम ने पिपलीनाका से गढ़कालिका मंदिर होते हुए ओखलेश्वर श्मशान और भैरवगढ़ जेल चौराहे तक घर और दुकान मालिकों को नोटिस दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर पहले सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव 150 फीट था, जिसे घटाकर 100 फीट किया गया।
रहवासी अब 80 फीट चौड़ाई की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे यातायात सुधार के साथ बड़ी संख्या में मकान टूटने से बच सकते हैं। दूसरी ओर प्रशासन की तैयारी जल्द मौके पर काम शुरू करने की बताई जा रही है, जिससे इलाके में अनिश्चितता बनी हुई है।
विधायक ने कलेक्टर से की बात, बैठक की तैयारी
विरोध के दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी में कलेक्टर रोशन सिंह से फोन पर चर्चा की। विधायक ने कहा कि प्रभावित लोगों को कलेक्टर से मिलवाया जाएगा और व्यावहारिक समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि चौड़ीकरण की जरूरत और आवासीय नुकसान के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।






