उज्जैन की पवित्र धरती पर सोमवार का दिन खास बन गया, जब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में हलचल बढ़ गई थी। नंदी हॉल में बैठकर उन्होंने विधि-विधान से पूजा की और भगवान महाकाल को जल अर्पित किया। उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं।
दर्शन के बाद डॉ. माणिक साहा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि करीब 50 साल बाद उन्हें बाबा महाकाल के दर्शन का सौभाग्य मिला है। लंबे समय से यहां आने की इच्छा थी, जो अब पूरी हुई। उन्होंने देश और त्रिपुरा राज्य की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
उज्जैन पहुंचे डॉ. माणिक साहा, मंदिर प्रशासन ने किया स्वागत
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा पहले से तय कार्यक्रम के तहत उज्जैन पहुंचे थे। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर, उज्जैन में उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से कलेक्टर एवं समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह और मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने उनका अभिनंदन किया।
डॉ. माणिक साहा ने नंदी हॉल में बैठकर शांत भाव से पूजा-अर्चना की। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनसे भगवान महाकाल को जल अर्पित करवाया। पूरे समय मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।
“50 साल बाद मिला दर्शन का अवसर” – बोले त्रिपुरा के सीएम
दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. माणिक साहा ने कहा कि बहुत पहले वे यहां आए थे, लेकिन उसके बाद दोबारा आने का मौका नहीं मिल पाया। करीब 50 साल बाद बाबा महाकाल के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मंदिर क्षेत्र का जो विकास हुआ है, उसे वे टीवी पर देखते रहे थे। लेकिन जब उन्होंने महाकाल लोक और पूरे परिसर को प्रत्यक्ष देखा, तो इसकी भव्यता और सुव्यवस्था देखकर प्रभावित हुए। उन्होंने मंदिर प्रशासन की भी सराहना की और कहा कि विकास कार्यों से मंदिर की दिव्यता और बढ़ गई है।
महाकाल लोक का भ्रमण, विकास कार्यों की सराहना
डॉ. माणिक साहा ने उज्जैन में बने भव्य महाकाल लोक का भी भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि पहले और अब के स्वरूप में बहुत अंतर है। परिसर अधिक विस्तृत, स्वच्छ और सुव्यवस्थित नजर आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर क्षेत्र में हुए विकास से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिल रही है। उन्होंने इसे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाला कदम बताया। महाकाल लोक के विस्तार से देश-विदेश से आने वाले भक्तों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इससे उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं।
देश और त्रिपुरा की समृद्धि के लिए की प्रार्थना
बाबा महाकाल के दर्शन के दौरान डॉ. माणिक साहा ने देश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। साथ ही त्रिपुरा राज्य के नागरिकों की उन्नति के लिए भी विशेष प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि वे अपने राज्य के विकास के लिए निरंतर काम करते रहेंगे और भगवान का आशीर्वाद उनके साथ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को और सशक्त बनाने की भी उन्होंने कामना की। उनका कहना था कि महाकाल मंदिर में दर्शन से उन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिली।






