सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में हो रही देरी को लेकर उज्जैन के मेला अधिकारी और संभागायुक्त आशीष सिंह ने सख्त तेवर दिखाए हैं। सोमवार को सिंहस्थ के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेने निकले सिंह ने काम की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताई। इसका नतीजा यह हुआ कि संबंधित निर्माण एजेंसी पर 5 लाख रुपये की भारी-भरकम पेनल्टी लगा दी गई।
मेला अधिकारी ने अब खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया है। अब वह प्रतिदिन सुबह 10 बजे से सिंहस्थ के विभिन्न निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण करेंगे ताकि कार्यों में तेजी लाई जा सके और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
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धीमी गति और लैब में कमी बनी जुर्माने की वजह
सोमवार को अपने निरीक्षण की शुरुआत करते हुए आशीष सिंह दताना से पाइप फैक्ट्री तक बन रहे 8.8 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग पर पहुंचे। यहां उन्होंने पाया कि निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और मौके पर मजदूरों की संख्या भी काफी कम थी।
इसके बाद जब उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने वाली प्रयोगशाला का निरीक्षण किया, तो वहां कैलिब्रेशन सर्टिफिकेट (अंशांकन प्रमाण पत्र) नहीं मिला। इन गंभीर खामियों को देखते हुए उन्होंने निर्माण कार्य कर रही एजेंसी ‘बिंदल कॉन्ट्रैक्टर एंड डेवलपर्स’ पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश PWD के अधीक्षण यंत्री गणेश पटेल को दिए।
अधिकारियों को सख्त निर्देश, गुणवत्ता से समझौता नहीं
आशीष सिंह ने PWD अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की टेस्टिंग रिपोर्ट प्रतिदिन अपडेट की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का पूरी तरह से ध्यान रखा जाना चाहिए, इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अलावा, उन्होंने हामूखेड़ी में चल रहे मार्ग चौड़ीकरण कार्य का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि 900 मीटर के इस हिस्से में दोनों तरफ 200 मीटर तक सीवेज और पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है।
बारिश से पहले 1 किमी सड़क बनाने का लक्ष्य
मेला अधिकारी ने नानाखेड़ा गेल चौराहे से नीलगंगा चौराहे तक के 2700 मीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। यहां अधिकारियों ने बताया कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले 1150 मीटर (लगभग 1.15 किमी) हिस्से का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मार्ग पर सीवेज लाइन, नाली निर्माण, और पेयजल पाइपलाइन का काम प्रगति पर है। संभागायुक्त ने अधिकारियों को भविष्य के काम की योजना पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए।