सुबह-सुबह हुई इस अचानक कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। नगर निगम के अधिकारियों ने पूरी योजना बनाकर इस अभियान को अंजाम दिया। कार्रवाई को अंजाम देने के लिए टीम अपने साथ 3 बड़ी पोकलेन और 1 जेसीबी मशीन लेकर पहुंची थी। देखते ही देखते कुछ ही घंटों के भीतर आश्रम परिसर में खड़े अवैध स्ट्रक्चर को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
नोटिस की समयावधि खत्म होने के बाद लिया गया कड़ा फैसला
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि हरियाणा आश्रम में बिना इजाजत किए गए इस निर्माण को लेकर प्रबंधन को बहुत पहले ही कानूनी नोटिस थमाया गया था। नोटिस में आश्रम वालों को खुद ही अवैध निर्माण हटाने का पूरा समय दिया गया था। लेकिन दी गई समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाया गया तो निगम प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
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सुबह-सुबह भारी अमले के साथ पहुंची नगर निगम की टीम
नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने बताया कि शुक्रवार तड़के ही निगम का पूरा अमला गाड़ियों और पोकलेन मशीनों के साथ नृसिंह घाट क्षेत्र में पहुंच गया था। टीम ने पहुंचते ही बिना कोई वक्त गंवाए अवैध हिस्सों को तोड़ने का काम शुरू कर दिया। तड़के हुई इस कार्रवाई के दौरान आश्रम के आसपास लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया था।
मौके पर तैनात रहा भारी पुलिस बल
किसी भी तरह के विरोध या हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। नगर निगम के अमले और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से निपट गई। अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ क्षेत्र में किसी भी तरह के अवैध निर्माण या अतिक्रमण को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिंहस्थ क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जारी रहेगा अभियान
उज्जैन नगर निगम का कहना है कि आगामी सिंहस्थ मेले को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। सरकारी जमीन और सिंहस्थ बायपास मार्ग पर किए गए किसी भी अवैध कब्जे पर आगे भी इसी तरह का बुलडोजर एक्शन जारी रहेगा। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
