
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। यहां मालवा एक्सप्रेस पकड़ने के लिये एक युवक ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की। बात इतनी भर नहीं थी, उसने अपनी पीठ पर अपनी बुज़ुर्ग मां को उठा लिया और फिर चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करने लगा। लेकिन इसी दौरान मां बेटा दोनों ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंस गए। अच्छी बात ये रही कि युवक की इस कोशिश के दौरान ही ड्यूटी पर तैनात रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के कांस्टेबल रामप्रकाश शर्मा ने उन्हें ऐसा करते देख लिया और वो मदद के लिये दौड़ पड़े। रामप्रकाश शर्मा ने अपनी तत्परता और सूझबूझ से दोनों को ट्रेन के नीचे आने से बचा लिया, इस दौरान कुछ और लोगों ने भी उनकी मदद की। ये पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई।
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

