उज्जैन में वाल्मीकि समाज की ओर से सोमवार रात गोगामेड़ी चल समारोह का आयोजन किया गया। रात करीब 8 बजे फ्रीगंज क्षेत्र से शुरू हुए इस जुलूस में समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। युवा और बुजुर्ग हाथों में गोगामेड़ी की छड़ियां और निशान लेकर यात्रा में शामिल हुए।
चल समारोह के दौरान डीजे पर बज रहे गीतों और भजनों पर युवा नाचते-गाते नजर आए। अलग-अलग इलाकों से समाजजन छड़ियां लेकर फ्रीगंज पहुंचे थे। यहां से सभी लोग एक साथ जुलूस में शामिल होकर आगे बढ़े।
फ्रीगंज से शुरू हुआ गोगामेड़ी चल समारोह
गोगामेड़ी चल समारोह की शुरुआत फ्रीगंज क्षेत्र से हुई। समाज के लोग पहले यहां एकत्रित हुए और इसके बाद छड़ियां व निशान लेकर जुलूस के रूप में निकले। यात्रा में युवा, बुजुर्ग और अन्य समाजजन शामिल रहे।
जुलूस के दौरान रास्ते में जगह-जगह लोगों ने चल समारोह का स्वागत किया। हाथों में छड़ियां लिए समाज के युवाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। डीजे की धुन पर युवा नाचते हुए आगे बढ़ते रहे और पूरे रास्ते धार्मिक माहौल बना रहा।
डीजे की धुन पर नाचे युवा
चल समारोह में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। डीजे पर बज रहे गीतों के बीच युवा नाचते-गाते हुए यात्रा में आगे बढ़े। कई युवाओं के हाथों में गोगामेड़ी की छड़ियां और निशान थे।
समाज के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ आयोजन में हिस्सा लिया। जुलूस के दौरान धार्मिक आस्था के साथ समाज की एकजुटता भी नजर आई। अलग-अलग क्षेत्रों से आए समाजजन एक साथ चल समारोह में शामिल हुए।
वाल्मीकि कॉलोनी में हुई महाआरती
फ्रीगंज से शुरू हुआ गोगामेड़ी चल समारोह शहर के अलग-अलग मार्गों से होते हुए वाल्मीकि कॉलोनी पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद गोगामेड़ी की छड़ियों की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ। महाआरती में समाज के लोगों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पूजा के बाद सभी को प्रसादी बांटी गई। इसके साथ ही चल समारोह का धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।
आयोजन में दिखी समाज की एकजुटता
गोगामेड़ी चल समारोह के दौरान बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोगों की मौजूदगी रही। छड़ियों और निशानों के साथ निकली यात्रा में लोगों ने अपनी धार्मिक आस्था दिखाई। पूरे मार्ग पर उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।
वाल्मीकि कॉलोनी में महाआरती और प्रसादी के साथ आयोजन का समापन हुआ। इस दौरान समाज के लोगों ने मिलकर धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाया और अपनी एकजुटता का संदेश दिया।






