MP Breaking News

बांधवगढ़ के जंगल में मालिक पर आई आफत तो भैंसों ने दिखाई वफादारी, बाघिन से भिड़कर बचाई चरवाहे की जान

बांधवगढ़ नेशनल पार्क के पाटौर वन क्षेत्र में बाघिन के हमले से घायल चरवाहे रामनरेश की जान उसकी वफादार भैंसों के झुंड ने बहादुरी से बचा ली।
Umaria

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बांधवगढ़ नेशनल पार्क से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पालतू पशुओं की सूझबूझ और वफादारी ने एक चरवाहे की जान बाघिन के जबड़े से बचा ली। आमतौर पर जंगलों में बाघ के हमले से इंसानों का बचना नामुमकिन माना जाता है, लेकिन उमरिया जिले के इस राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में भैंसों के एक झुंड ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने मालिक की रक्षा की। इस हमले में गंभीर रूप से घायल चरवाहे को पार्क प्रबंधन द्वारा तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है और फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, मानपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाटौर के जंगल में यह पूरी घटना घटित हुई। रामनरेश नाम का एक स्थानीय चरवाहा रोज की तरह अपनी भैंसों को चराने के लिए जंगल की सीमा पर गया हुआ था। इसी दौरान चरवाहे की भैंसों का पूरा झुंड चरते-चरते पार्क क्षेत्र के कोर इलाके की तरफ बढ़ गया। जब रामनरेश ने ध्यान दिया, तो उसे पता चला कि उसकी दो भैंसें जंगल के काफी अंदर तक चली गई हैं। अपनी भैंसों को वापस लाने के इरादे से रामनरेश भी जंगल के भीतर कुछ दूरी तक चला गया। उसे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि घने जंगल के भीतर मौत उसका इंतजार कर रही है।

बाघिन ने चरवाहे पर किया जानलेवा हमला

जंगल में कुछ दूर आगे बढ़ने पर अचानक रामनरेश का सामना एक बाघिन और उसके शावक से हो गया। अपने शावक की मौजूदगी के कारण बाघिन बेहद आक्रामक मुद्रा में थी। इससे पहले कि रामनरेश वहां से भागने या खुद को बचाने का कोई प्रयास कर पाता, बाघिन ने उस पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया। बाघिन के इस अचानक हमले से रामनरेश बुरी तरह घबरा गया और अपनी जान बचाने के लिए उसने पूरी ताकत से जोर-जोरो से चिल्लाना और मदद के लिए आवाज लगाना शुरू कर दिया। उसकी चीख-पुकार पूरे जंगल में गूंज उठी।

भैंसों ने बचाई चरवाहे की जान

अपने मालिक की दर्दभरी और संकट से भरी आवाज सुनकर पास ही चर रहे भैंसों के झुंड में हलचल मच गई। वफादार भैंसों ने बिना समय गंवाए एकजुट होकर बाघिन की दिशा में दौड़ लगा दी। भैंसों के इस बड़े और आक्रामक झुंड को अपनी तरफ तेजी से आते देख बाघिन सहम गई। खुद पर भारी पड़ते भैंसों के झुंड को देखकर बाघिन ने चरवाहे को छोड़ दिया और घने जंगल के भीतर अपने शावक के साथ भाग खड़ी हुई। इस तरह भैंसों की तत्परता और एकता की वजह से रामनरेश की जान बाल-बाल बच गई। इस घटना ने एक बार फिर उस पुरानी कहावत को सच साबित कर दिया कि जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय।

चरवाहे का अस्पताल में उपचार, शरीर पर आई चोटें

घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ नेशनल पार्क प्रबंधन की टीम तुरंत मौके पर सक्रिय हुई। घायल चरवाहे रामनरेश को आनन-फानन में मानपुर के उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया। अस्पताल के सूत्रों और पार्क अधिकारियों के अनुसार, रामनरेश के शरीर पर चोटें आई हैं, लेकिन अब उसकी हालत पूरी तरह से सुरक्षित और स्थिर बनी हुई है। इस पूरी घटना को लेकर घायल चरवाहे रामनरेश ने बताया कि कैसे बाघिन ने अचानक उस पर हमला कर दिया था और यदि उसकी भैंसें समय पर नहीं पहुंचतीं, तो आज वह जीवित नहीं बचता।

इस घटना के बाद पार्क प्रबंधन ने स्थानीय ग्रामीणों और चरवाहों के लिए एक विशेष चेतावनी और अपील जारी की है। पार्क प्रबंधन ने क्षेत्र के लोगों से पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में अकेले जंगल के भीतर प्रवेश न करें। वन्यजीवों की मौजूदगी और उनके प्राकृतिक व्यवहार को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद अनिवार्य है। पार्क अधिकारियों का कहना है कि जंगल में भोजन और पानी की तलाश में हिंसक वन्यजीव किसी भी स्थान पर अचानक पहुंच सकते हैं, इसलिए लोगों को अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
Follow Us :GoogleNews
बांधवगढ़ के जंगल में मालिक पर आई आफत तो भैंसों ने दिखाई वफादारी, बाघिन से भिड़कर बचाई चरवाहे की जान - MP Breaking News