रिजर्व बैंक इंडिया (RBI) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मध्यप्रदेश में स्थित एक सहकारी बैंक पर जुर्माना लगाया गया है। यह कदम नियमों का सही से अनुपालन न होने पर उठाया गया है। एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी पर भी पेनल्टी लगाई गई है। इसकी जानकारी आरबीआई ने 13 अगस्त को अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
मध्य प्रदेश के भिंड में स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पर 2.50 लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कदम बीआर एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया गया है। इसके अलावा आरबीआई 1934 के विभिन्न प्रावधानों के तहत वैल्युफिन इंडिया क्रेडिट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर 1.80 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है।
बैंक ने तोड़े ये नियम
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित ने निर्धारित समय सीमा के भीतर डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में पात्र अनक्लेम्ड अमाउंट को ट्रांसफर करने में विफल रहा। 31 मार्च 2025 तक NABARD ने बैंक की वित्त स्थिति को स्थिति को चेक करने के लिए एक संवैधानिक निरीक्षण किया था। इस दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला। जिसके बाद बैंक को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया, उस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप सही साबित होने पर पेनल्टी लगाई गई है।
कंपनी पर क्यों लगा जुर्माना?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लिखित मंजूरी लिए बिना वैल्युफिन इंडिया क्रेडिट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी इक्विटी कैपिटल के 26% से ज्यादा की शेयर होल्डिंग में बदलाव किया। ऐसे में आरबीआई द्वारा जारी “शेयर होल्डिंग या कंट्रोल का अधिकरण” से जुड़े दिशानिर्देशों का उल्लंघन हुआ। आरोप सही साबित होने के बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर
बैंक और कंपनी पर की गई कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। इस बात की पुष्टि आरबीआई ने अपने नोटिफिकेशन में की है। बैंक या कंपनी और खाताधारकों के बीच सभी मौजूदा लेन देन और एग्रीमेंट पहले की तरह ही जारी रहेंगे। इनकी वैधता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी सेवाओं का लाभ भी मिलता रहेगा।






