
Bandhavgarh Tiger Reserve
खबर उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से है जहां एक बाघ का कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई, कंकाल को मानसून गस्त कर रहे कर्मचारियों ने देखा जिसके बाद प्रबंधन को सूचना दी गई और सघन पड़ताल के बाद साफ हुआ कि यह कंकाल वयस्क बाघ का ही है लिहाजा प्राथमिक पड़ताल के लिए डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर से संदिग्ध स्थितियों को समझने की कोशिश की गई जिसके बाद कंकाल का पीएम करवा कर शवदाह करके कंकाल का विनष्टीकरण किया गया।
घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला कोर जोन के मझखेता बीट की है जहां के दुर्गम क्षेत्र में बाघ का कंकाल और उसके अवशेष पड़े हुए थे,बाघ की मौत कब और कैसे हुई होगी इसको लेकर पड़ताल जारी है और एनटीसीए की एसओपी की मुताबिक कंकाल की सैंपलिंग की गई है जिसकी जांच के बाद स्पष्ट होगा की बाघ के मौत की असल वजह क्या रही है।
गस्त होती है तो फिर कंकाल कैसे मिला
अब सवाल यह खड़ा होता है कि जब बांधवगढ़ नेशनल पार्क के अंदर कर्मचारियों के द्वारा गस्त की जाती रही तो इतना पुराना बाघ का हड्डियों का ढांचा कैसे मिला? इसका मतलब है कि पार्क के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और सर्चिंग के नाम पर सरकार का पैसा का दुरुपयोग खुलेआम किया जा रहा है और अधिकारी हाथ पैर हाथ रखे हुए बैठे हुए हैं।
पार्क प्रबंधन की कार्यशैली पर सवालिया निशान
जिस जगह से हड्डियां बरामद की गई वह भी तो पार्क के अंदर की ही बीट बताई जा रही है लेकिन पार्क प्रबंधन के द्वारा हड्डियों को इकट्ठा कर फिर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया लेकिन प्रबंधन के द्वारा अभी किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई इस पर अब प्रबंधन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है।
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