मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशों का पालन हकीकत में कितना हो रहा है ये उमरिया जिले की खाद वितरण व्यवस्था से पता चलता है, कलेक्टर की निगरानी में खाद का वितरण होने के बावजूद पुलिस वाले किसानों के साथ मारपीट करते हैं, उसपर मुकदमा दर्ज करते है लेकिन जिम्मेदार केवल जाँच की बात कहकर अपना पल्ला झाड रहे हैं।
मध्य प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान उमरिया पहुंचे उन्होंने स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और समीक्षा बैठक में शामिल हुए, मीडिया ने जब प्रभारी मंत्री से पिछले दिनों मानपुर में किसान अनिल यादव के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट पर सवाल किया तो उन्होंने कहा मेरी जानकारी में ये बात आई है वो क्या कारण है जिससे ऊपर एफ आई आर हुई है वो जाँच का विषय है मैंने जाँच के निर्देश दिए हैं जाँच में जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भीड़ को लेकर प्रभारी मंत्री का अजीब सा तर्क
उन्होंने किसानों की भीड़ का तक देते हुए कहा कि यहाँ मात्र 10 प्रतिशत किसान किसान क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता है 90 प्रतिशत नहीं करते इसलिए ये हालात हैं उन्होंने दावा किया कि खाद पर्याप्त मात्रा में है लेकिन वितरण व्यवस्था ठीक नहीं है इसके लिए मैंने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं।
कृषि अधिकारी बोले नहीं हुई एफआईआर
विशेष बात ये है कि जिले में किसान के साथ क्या हो रहा है पीड़ित किसान अनिल यादव उसके साथ पुलिस द्वारा की गई बर्बरता की बात कह रहा है और बता रहा है कि उसपर मुकदमा दर्ज हुआ है लेकिन कृषि विकास अधिकारी संग्राम सिंह मरावी को कोई जानकारी नहीं है उनका दावा है कि किसान पर एफईआर नहीं हुई है, उनके मुताबिक टी आई ने कहा है कि पुलिस कर्मचारी थाने लेकर आये थे केवल समझाइश देकर छोड़ दिया यानि कृषि अधिकारी मारपीट की बात से भी इंकार कर रहे हैं।
कांग्रेस ने कहा किसानों का आक्रोश जायज
इस मामले में कांग्रेस मुखर है, कांग्रेस नेत्री रोशनी सिंह का कहना है कि किसान को खाद नहीं मिल रहा , फसल बर्बाद हो रही है तो उसका आक्रोशित होना जायज भी है पुलिस ने जो मारपीट की है एफआईआर की है वो पूरी तरह गलत है कांग्रेस किसानों के साथ है हम ये मनमानी नहीं करने देंगे।
उमरिया से ब्रजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट






