तेज बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, उमरिया में खरीदी केंद्र में खुले में रखा धान भीगा

इस समय हो रही बारिश गेहूं की फसल के लिए तो अच्छी बताई जा रही है लेकिन  दलहन, तिलहन फसलों को  इससे भारी नुक़सान हो रहा है, ऐसे किसान जो दलहन तिलहन की फसल पैदा करते हैं वो भारी बारिश से बहुत चिंता में हैं। 
Paddy wet in rain

Umaria News : मध्य प्रदेश के कई जिलों में हो रही बारिश कहीं कहीं किसानों को ख़ुशी दे रही है वहीं कहीं कहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रही है। वे किसान अधिक परेशान हैं जिनकी धान की फसल पक कर तैयार है और वे अब तक उसे खरीद केंद्र तक नहीं पहुंचा पाए, उधर खरीदी केंद्रों में किसानों से ख़रीदा गया खुला रखा धान भी भीग रहा है।

उमरिया जिले में भी आज से बारिश का दौर शुरू हो गया, कहीं तेज तो कहीं धीमी बारिश परेशानी का सबब बन रही है, जिले में धान खरीदी जोरों पर है अब तक 63,732 मीट्रिक टन धान की खरीदी जिले के खरीदीं केंद्रों पर हो चुकी है, खास बात ये है कि खरीदी गई धान को रखने का उचित प्रबंधन नहीं होने से इसे भारी नुकसान हो रहा है।

लापरवाही के चलते खरीदी केंद्रों में खुले में रखा धान भीगा  

ऐसे धान खरीदी केंद्र जहाँ खरीदा गया धान बोरों में भरा रखा हुआ ओपन रखा है वहां आज हुई तेज बारिश ने इसे पूरा भिगो दिया। केवल मानपुर ब्लाक की ही बात की जाये तो यहाँ भारी मात्रा में खरीदी गई धान खुले में रखी होने से भीग गई, हालाँकि इसे सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई लेकिन ये व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।

दलहन तिलहन की फसल पैदा करने वाले किसान भी चिंतित 

आपको बता दें कि इस समय हो रही बारिश गेहूं की फसल के लिए तो अच्छी बताई जा रही है लेकिन  दलहन, तिलहन फसलों को  इससे भारी नुक़सान हो रहा है, ऐसे किसान जो दलहन तिलहन की फसल पैदा करते हैं वो भारी बारिश से बहुत चिंता में हैं।

42 खरीदी केंद्रों पर जारी है धान का उपार्जन 

उधर मौसम विभाग जिले में बारिश की संभावना पहले से ही जता रहा है ऐसे में खरीद केंद्रों में रखे धान और अन्य अनाज को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की है, जिले के 42 धान खरीदी केंद्र में किसानों की धान खरीदी का कार्य चल रहा है, अब देखना ये होगा कि आगे धान को कोई नुकसान न हो और किसान भी परेशान न हो इसके लिए क्या उपाय प्रशासन करता है।

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उमरिया से ब्रजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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