NSUI ने हाईकोर्ट के फैसले का किया स्वागत, प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए तो आंदोलन की चेतावनी

छात्र नेताओं ने कहा कि संगठन जिलेभर में छात्र संवाद, ज्ञापन, जनजागरण अभियान और विभिन्न लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों की आवाज बुलंद करेगा।
NSUI demands direct student union elections

NSUI demands direct student union elections

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला उमरिया ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के उस निर्णय का स्वागत किया, जिसमें अकादमिक कैलेंडर 2026-27 के अनुसार सितंबर माह में छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं। NSUI के प्रदेश सचिव अदनान अंसारी की याचिका पर आए इस फैसले को छात्र हित में महत्वपूर्ण बताते हुए संगठन ने प्रदेश सरकार से सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रत्यक्ष (डायरेक्ट/प्रेसिडेंशियल) प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की।

प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराने की मांग 

जिला कांग्रेस महासचिव पुष्पराज सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुऐ बताया कि केवल छात्रसंघ चुनाव कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने प्रतिनिधि का सीधे चुनाव करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ लोकतंत्र की पहली पाठशाला है, इसलिए सरकार जल्द अधिसूचना जारी कर सितंबर में प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव सुनिश्चित करे।

NSUI ने दी आंदोलन की चेतावनी 

NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा कि संगठन लंबे समय से प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव की मांग करता आ रहा है। उनका कहना था कि अप्रत्यक्ष प्रणाली में अधिकांश छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित रह जाते हैं, जबकि प्रत्यक्ष चुनाव से प्रत्येक विद्यार्थी की भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव नहीं कराती है तो NSUI प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

छात्र नेताओं ने कहा कि संगठन जिलेभर में छात्र संवाद, ज्ञापन, जनजागरण अभियान और विभिन्न लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों की आवाज बुलंद करेगा। प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के मनोज सिंह, NSUI जिला उपाध्यक्ष कृष्णकांत तिवारी, कॉलेज अध्यक्ष आकाश द्विवेदी, NSUI सचिव रचना यादव, हेमलता, दीपाक्षी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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