हाथों में हथकड़ी, दिल में पढ़ाई की ललक, 12वीं बोर्ड की परीक्षा में दिखा सकारात्मक सोच वाला दृश्य

उमरिया में यह घटना शिक्षा के महत्व और सुधार की दिशा में उठाए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है, जिसे लोगों ने सराहनीय पहल बताया है।
Prisoner appears 12th exam in Umaria

Prisoner appears 12th exam in Umaria

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आज 10 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं। इसी बीच उमरिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उमरिया जिला जेल का विचाराधीन कैदी भी 12वीं की परीक्षा देने परीक्षा केंद्र पहुंचा। पीएमश्री शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालरी में पुलिस सुरक्षा के बीच उसकी परीक्षा दिलाई गई।

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं 12वीं बोर्ड परीक्षाएं आज 10 फरवरी से वहीँ 10 बोर्ड की परीक्षाएं 13 फरवरी से शुरू हो रही हैं। उमरिया जिले में इन परीक्षाओं के दौरान एक अनोखा और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

जिला जेल उमरिया का विचाराधीन कैदी सुजान खान ने भी शिक्षा के प्रति अपनी लगन और इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए कक्षा 12वीं की परीक्षा दी। सुजान खान को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पीएमश्री शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालरी परीक्षा केंद्र पर लाया गया, जहां उसने निर्धारित समय पर परीक्षा में भाग लिया।

हथकड़ी में बंदी को देख अचंभित हो गए स्टूडेंट्स 

सुजान को परीक्षा केंद्र पर जब स्थानीय लोगों और परीक्षार्थियों ने एक बंदी को परीक्षा देने आते देखा तो वे आश्चर्यचकित रह गए। हालांकि, प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि जेल में निरुद्ध बंदियों को भी शिक्षा का अधिकार प्राप्त है और यदि वे पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं तो उन्हें अवसर प्रदान किया जाता है।

कुछ महीने पहले ही जेल में बंद हुआ है छात्र 

जेल प्रशासन और शिक्षा विभाग के समन्वय से सुजान खान की परीक्षा सुनिश्चित कराई गई। जेल अधीक्षक डी के सारस का कहना है कुछ महीने पहले ही सुजान खान एक आपराधिक प्रकरण में जेल में निरुद्ध हुआ है उसने बातचीत में बताया कि वो 12वीं का छात्र है और परीक्षा में शामिल होना चाहता है इसलिए उसके लिए नियमानुसार कानूनन अनुमति ली गई और परीक्षा दिलाई गई।

शिक्षा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम    

जेल अधीक्षक का कहना है कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और बंदियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ऐसे प्रयास किए जाते हैं। यह पहल अन्य बंदियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है, जिससे वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा की ओर अग्रसर हों।

सकारात्मक सोच और सुधार की मिसाल

उमरिया में यह घटना शिक्षा के महत्व और सुधार की दिशा में उठाए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है, जिसे लोगों ने सराहनीय पहल बताया है। यह नजारा देखकर वहां मौजूद स्टूडेंट्स दंग रह गए। यह मामला शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच और सुधार की मिसाल बन गया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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