
Teachers protest rally Umaria
उमरिया जिले में शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एक ऐतिहासिक और जोरदार प्रदर्शन किया। जिले भर से बड़ी संख्या में शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए सड़कों पर उतर आए। यह प्रदर्शन शिक्षक स्वाभिमान रैली के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को रद्द करने और अपनी अन्य लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
रैली की शुरुआत शहर के प्रमुख स्थान से हुई, जहां से शिक्षक हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। पूरे मार्ग में शिक्षकों का जोश और उत्साह देखने लायक था। वे लगातार अपने अधिकारों और सम्मान की बात कर रहे थे, साथ ही सरकार से अपनी मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील कर रहे थे।
इस रैली का नेतृत्व संयुक्त अध्यापक संघ द्वारा किया गया, जिसमें संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे। शिक्षकों का कहना था कि बार-बार टीईटी की अनिवार्यता उनके साथ अन्याय है और इसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी मांग की कि उनकी सेवा अवधि की गणना नियुक्ति दिनांक से की जाए और पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए।
मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी सभी मांगों का विस्तार से उल्लेख किया। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आगे और बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
पूर्व सूचना के चलते प्रशासन भी रहा चौकन्ना
इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही, ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। शिक्षकों का यह प्रदर्शन न केवल उनकी एकजुटता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को पूरी तरह तैयार हैं।
कुल मिलाकर, उमरिया में आयोजित यह शिक्षक स्वाभिमान रैली एक बड़ा संदेश देती है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोग अब अपनी मांगों को लेकर मुखर हो चुके हैं और जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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