
उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले सभी छात्रों के लिए आधार कार्ड का बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा महानिदेशक को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें सभी प्रकार के प्रबंधन वाले स्कूलों को यह प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सूचित किया है कि यूडीआईएसई प्लस पोर्टल पर बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।
स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावक-शिक्षक बैठकों में माता-पिता को बायोमेट्रिक अपडेट की आवश्यकता के बारे में जागरूक करें। इसके बाद, उन छात्रों की पहचान की जाएगी जिनका बायोमेट्रिक अपडेट होना बाकी है। इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए स्कूलों में आधार शिविर आयोजित किए जाएंगे। गौरतलब है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड केवल चेहरे की फोटो के आधार पर बनता है, और दाखिले के समय ज्यादातर अभिभावक इसे अपडेट नहीं करवाते।
माता-पिता और बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य
प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश को लेकर सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं। अब प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिसमें माता-पिता और बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य होगा। इसकी निगरानी के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में एक क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति गठित की गई है, जिसमें कई जिला स्तरीय अधिकारी शामिल होंगे। यह व्यवस्था अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग, अनाथ, निराश्रित, एचआईवी/एड्स या कैंसर पीड़ित अभिभावकों के बच्चों और दिव्यांग परिवारों के बच्चों के लिए लागू होगी।
बच्चों की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल और यू-डायस पोर्टल पर
इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है, उनके बच्चे भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने बताया कि प्रवेश के बाद स्कूलों को बच्चों की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल और यू-डायस पोर्टल पर दर्ज कर अपार आईडी बनानी होगी। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा, साथ ही बच्चों के आधार डेटा को अद्यतन रखने में सहायता प्रदान करेगा।
