अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बयानबाजी लगातार बढ़ती जा रही है। इस मामले से देश के करोड़ों सनातियों को गहरा आघात पहुंचा है। विपक्षा लगातार भाजपा सरकार पर हमला बोल रहा है। हालांकि इस मामले में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों पर कार्रवाई भी हुई है। वहीं सोमवार को इस मामले में हिंदू धर्मगुरु और कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम का बयान सामने आया है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि इस घटना से आज लाखों लोगों का विश्वास टूट गया है। अब केवल एक-दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में महंत नृत्य गोपाल दास महाराज का एक बयान और पत्र सामने आया है, जबकि इससे पहले पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरि का भी एक पत्र सार्वजनिक हुआ था। इन दोनों पत्रों को पढ़ने से ऐसा प्रतीत होता है कि वे पूरी तरह से अंधेरे में थे और बहुत दुखी हैं। इसलिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आगे कहा कि स्वामी गोविंद देव गिरि ने अपने पत्र में इस स्थिति की जानकारी नहीं होने की बात कही है, जबकि नृत्य गोपाल दास के पत्र से भी ट्रस्ट के भीतर गंभीर भ्रम और मतभेद की स्थिति को महसूस किया जा सकता है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने पदों से हट जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी लोग अब जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में महंत नृत्यगोपालदास महाराज का भी आया बयान
बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में महंत नृत्यगोपालदास की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा क श्रीराम लला सरकार के मंदिर में हुई दान चोरी से मैं काफी आहत हूं। जिसने भी ये महापाप किया है, उसे कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए। मुझे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा विश्वास है कि वे इस पाप से जुड़े हर व्यक्ति को सजा दिलाएंगे। ये करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सवाल है। महंत नृत्यगोपालदास ने कहा, मेरा आग्रह है कि इस मामले में किसी भी व्यक्ति को अपने निजी लाभ के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए।





