‘महाभारत’ सीरियल में भीष्म पितामह के किरदार से लोकप्रिय हुए अभिनेता मुकेश खन्ना ने रामनगरी अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। मंदिर की भव्यता से प्रभावित होकर उन्होंने इसे ‘दिव्य और अलौकिक’ बताया। इस दौरान उन्होंने अयोध्या के विकास, राजनीति और फिल्मों से जुड़े कई मुद्दों पर मीडिया से खुलकर बातचीत की।
मुकेश खन्ना ने कहा कि अयोध्या शहर का कायाकल्प हो रहा है और इसकी खूबसूरती अब देखने लायक है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण की सराहना करते हुए इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
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मथुरा में भी बने कृष्ण मंदिर
अयोध्या में हुए विकास की प्रशंसा करते हुए मुकेश खन्ना ने अपनी अगली इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जिस तरह अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है, उसी तर्ज पर मथुरा में भी भगवान कृष्ण का मंदिर बनना चाहिए।
“अयोध्या की खूबसूरती अब देखने लायक है और इसी तर्ज पर मथुरा में भी कृष्ण मंदिर का निर्माण होना चाहिए। यह हिंदुओं का अधिकार है।” — मुकेश खन्ना
उन्होंने अपने ‘शक्तिमान’ वाले अंदाज में यह भी कहा कि अगर वे शक्तिमान होते तो अखंड हिंदू राष्ट्र की घोषणा कर देते।
विकास पर योगी सरकार की सराहना, गांवों पर चिंता
मुकेश खन्ना ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ की। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा, “शहर में काफी काम हुआ है, लेकिन मुख्य शहर के बाहर निकलते ही विकास की जरूरत साफ नजर आती है। गांवों में अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि असली ‘रामराज्य’ की कल्पना तभी साकार होगी, जब विकास का लाभ समाज के निचले स्तर तक पहुंचेगा और स्थानीय लोगों का जीवन बेहतर होगा।
विपक्ष की भूमिका पर उठाए सवाल
राजनीतिक मुद्दों पर बात करते हुए मुकेश खन्ना ने संसद की कार्यप्रणाली और विपक्ष के रवैये पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद सत्रों में समाधान खोजने के बजाय सिर्फ समय बिताया जाता है। उनके अनुसार, विपक्ष गंभीर मुद्दों को उठाने के बजाय केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के एकसूत्रीय एजेंडे पर केंद्रित रहता है। उन्होंने विपक्ष को विरोध के साथ-साथ एक स्वस्थ और जिम्मेदार भूमिका निभाने की सलाह दी।
फिल्मों और विवादों पर रखी अपनी राय
फिल्मों के विषय पर उन्होंने ‘धुरंधर-2’ को एक अच्छी फिल्म बताया और कहा कि ऐसी फिल्मों को सफलता मिलनी चाहिए। जब उनसे अतीक अहमद पर बन रही फिल्म को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह जांच एजेंसियों का विषय है और पूरी जानकारी के बिना किसी फिल्म का विरोध करना सही नहीं है। उन्होंने ‘द कश्मीर फाइल्स’ का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर फिल्मों के जरिए सच्चाई सामने लाई जा रही है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।