LPG गैस की किल्लत पर अखिलेश यादव ने केंद्र की विदेश नीति को बताया फेल, केशव मौर्य बोले- उनकी देशभक्ति पर शक है

देश में LPG गैस की कमी को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच तीखी बयानबाजी हुई है। अखिलेश ने इसे केंद्र की विफल विदेश नीति का नतीजा बताया, जिसके जवाब में मौर्य ने उनकी देशभक्ति पर ही सवाल खड़ा कर दिया। यह राजनीतिक टकराव मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच देखने को मिल रहा है।
UP News

नई दिल्ली: भारत में गहराते ऊर्जा संकट और LPG सिलेंडरों की किल्लत को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए तो उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार करते हुए उनकी देशभक्ति पर ही संदेह जता दिया। दोनों नेताओं के बीच यह जुबानी जंग ऐसे समय में हो रही है जब देश गैस की कमी से जूझ रहा है।

शनिवार को मुंबई में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने केंद्र पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की विदेश नीति भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है। उन्होंने मौजूदा LPG सिलेंडर की कमी को इसी विफलता का परिणाम बताया। अखिलेश ने यह भी कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को देखते हुए भारत को वैश्विक शांति के लिए और मजबूत रुख अपनाना चाहिए था।

केशव मौर्य का तीखा पलटवार

अखिलेश यादव के आरोपों पर केशव प्रसाद मौर्य ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे संकट के समय में विपक्षी नेता माहौल खराब करने और अफवाह फैलाने का काम कर रहे हैं।

“मैं अखिलेश यादव को देशद्रोही तो नहीं कह सकता, लेकिन उनकी देशभक्ति पर शक ज़रूर है। ऐसे समय में जब देश और दुनिया ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं, वे अफवाहें फैला रहे हैं।”- केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

मौर्य ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि संकट से पहले जहां देश में रोजाना 50-55 लाख गैस सिलेंडरों की बुकिंग होती थी, वहीं अब घबराहट के कारण यह संख्या 88 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा, “चाहे अखिलेश यादव हों या राहुल गांधी, वे माहौल खराब करने और अफवाहें फैलाने का काम कर रहे हैं। उनके बयानों से देश में घबराहट फैल रही है, जनता उन्हें ठीक कर देगी।”

क्यों गहराया है भारत में ऊर्जा संकट?

दरअसल, इस संकट की जड़ मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव में है। ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर की मौत के बाद अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

  • दुनिया का करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा परिवहन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होता है।
  • भारत अपने कुल तेल और गैस आयात का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से प्राप्त करता है।

इस मार्ग के बंद होने से भारत की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे देश में LPG की कमी महसूस की जा रही है।

पश्चिम बंगाल पर भी की टिप्पणी

इसी बातचीत के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया, “पश्चिम बंगाल में TMC की विदाई तय है और BJP की सरकार बनने जा रही है। BJP के पक्ष में बने माहौल से TMC घबरा गई है, इसलिए वे बौखलाहट में बयानबाजी कर रहे हैं और मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त हैं, लेकिन जनता उन्हें करारा जवाब देने वाली है।”

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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