समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अभी से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में उन्होंने रविवार को गौतमबुद्ध नगर के दादरी में आयोजित समाजवादी समानता भाईचारा रैली में हिस्सा लिया। इस दौरान अखिलेश यादव ने मिहिर भोज कॉलेज में स्थापित उनकी मूर्ति के सामने से चुनावी शंखनाद किया। अपने संबोधन में उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बड़ा हमला बोला है, मौजूदा सरकार की नीतियों और दावों पर सवाल खड़े किए।
दादरी में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस रैली की चर्चा ने न जाने कितनों के होश उड़ा दिए। उन्होंने कटाक्ष किया कि समाजवादी पार्टी की रैली से पहले भाजपा को अपनी रैली करने पर मजबूर होना पड़ा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि कल जो रैली हुई उसकी पोल उनके साथियों ने खोल दी। उस रैली में लोग अपनी मर्जी से नहीं आए थे, उन्हें सरकारी महकमों का सहारा लेकर लाया गया था। उन्होंने तंज कसा कि जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, उसे भीड़ जुटाने के लिए सरकारी मदद लेनी पड़ी। अखिलेश यादव ने भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी झूठ बोलती है और उस पार्टी के बारे में सब जानते हैं, इसलिए उसका नाम लेना जरूरी नहीं है।
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अखिलेश यादव ने सरकार के विकास के दावों पर उठाए सवाल
भाजपा सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने 7 एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था, जिसमें से 6 बंद हो गए हैं। उन्होंने चुटकी ली कि कम से कम भाजपा को कल यह वादा तो करना चाहिए था कि इन एयरपोर्ट्स को बेचा नहीं जाएगा। अखिलेश ने आशंका जताई कि शायद उनका उद्घाटन ही बेचने के लिए किया गया था। यह सीधा हमला था सरकार की विनिवेश नीति और बुनियादी ढांचे के विकास पर।
बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग कल कुछ-कुछ बोलकर गए हैं, वे जानते हैं कि इस धरती की हुंकार से बचने वाले नहीं हैं। उन्होंने पीएम मोदी के नोएडा न आने के अंधविश्वास पर भी तंज कसा। अखिलेश ने कहा कि भाजपा के दोनों बड़े नेता (पीएम मोदी और सीएम योगी) मिलकर भी इतनी बार अपने कार्यकर्ताओं के साथ नहीं बैठे होंगे, उससे ज्यादा बार वह (अखिलेश) यहां अपने कार्यकर्ताओं के घर चाय पी चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस मेट्रो में बैठकर प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया था, वह समाजवादी पार्टी की सरकार ने बनाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को समाजवादी पार्टी की सरकार ने ही जोड़ा था।
पीडीए: सामाजिक आंदोलन, हक और सम्मान की लड़ाई
अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के नए नारे ‘पीडीए’ (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) को परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि पीडीए के लोग जानते हैं कि उनका सम्मान छीना जाता है। उनके घर परिवार को भी अपमानित किया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अहंकारी लोग पीडीए के लोगों को समय-समय पर अपमानित करते हैं। अखिलेश ने कहा कि अब चाहे साल लगें या सदी, अपना शासन लाना है, इसीलिए पीडीए बना है। उन्होंने इसे एक सामाजिक आंदोलन बताया और कहा कि जिन्होंने यह पीड़ा नहीं झेली, वे इसे नहीं समझेंगे। अखिलेश ने हुंकार भरी कि आज इनके झंडे उतरे हैं, आगे सत्ता से उतारा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी एक चुनाव के लिए नहीं है, पीडीए की लड़ाई जारी रहेगी। हर एक की खुशहाली और तरक्की तभी होगी जब आपसी भरोसा बढ़ेगा, नहीं तो 5% लोग 95% का शोषण करते रहेंगे। अखिलेश ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जिन्हें लगता है कि यह संभव नहीं है और इसलिए वे 5% का पिछलग्गू बनकर रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 5000 सालों से यह चला आ रहा है, लेकिन बाबा साहेब अंबेडकर ने हमें अधिकार दिए। इसीलिए नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने संविधान से समाजवाद को चुना। अखिलेश ने वादा किया कि समाजवादी पार्टी सबको सम्मान देने का काम करेगी, क्योंकि संविधान ही 95% का रक्षक है।
जब तक भाजपा है संविधान खतरे में रहेगा- अखिलेश
अखिलेश यादव ने ‘नकारात्मक विचारधारा हटाओ, संविधान बचाओ’ का नारा दिया। उन्होंने याद दिलाया कि जो लोग कहते थे कि 400 सीटें लाकर संविधान बदल देंगे, वे लोग 2024 के चुनाव में अंडरग्राउंड होकर बैठ गए हैं। उन्होंने आगाह किया कि वक्त का इंतजार कर रहे ऐसे लोगों से चौकन्ना रहना होगा, क्योंकि वह वक्त कभी नहीं आएगा। अखिलेश ने साफ कहा कि जब तक भाजपा है, संविधान खतरे में रहेगा। इसलिए भाजपा को हटना है। उन्होंने भाजपा को ‘दल नहीं, बल्कि नकारात्मक और विभाजनकारी दल’ बताया। पहले समाजवादी पार्टी ‘भाजपा हटाओ संविधान बचाओ’ का नारा देती थी, अब उन्होंने इसे बदलकर ‘नकारात्मक विचारधारा हटाओ, संविधान बचाओ’ कर दिया है।
अपनी सरकार के कथित ‘ATM’ पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि उन्होंने ‘ATM’ की चर्चा सुनी है। उन्होंने भाजपा सरकार से अपने ‘ATM’ का हिसाब करने को कहा और यह लोगों पर छोड़ दिया कि ‘ATM’ क्या है। अखिलेश ने संकेत दिया कि ‘A’ पर बहुत मेहरबानी की जाती है, जो स्पष्ट रूप से अडानी या अंबानी की ओर इशारा था। उन्होंने एक यूनिवर्सिटी का उदाहरण भी दिया जहां रोबोट दिखाया गया था, लेकिन बाद में उसके छात्रों को लंबी छुट्टी दे दी गई। अखिलेश ने कहा कि ऐसा करने वालों की अब यूपी और दिल्ली से छुट्टी होगी। उन्होंने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 50 लाख करोड़ रुपये के MOU केवल कागजों पर रहे और युवाओं को रोजगार नहीं मिला। समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर उन्होंने युवाओं को नई तरह की नौकरी के लिए ट्रेनिंग देकर रोजगार देने का वादा किया।
किसानों से वादा, बाजार भाव पर मिलेगा मुआवजा
दादरी में अखिलेश यादव ने नोएडा के किसानों से भी कई वादे किए। उन्होंने कहा कि जब वह यहां आए तो उन्हें मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण का मौका मिला। उन्हें याद है कि इतिहास को छीनने की कोशिश की गई थी और समाजवादी पार्टी ने वह लड़ाई लड़ी। अखिलेश ने किसानों से 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का आह्वान किया और वादा किया कि जब उनकी सरकार बनेगी तो वे लखनऊ और गोमती रिवर फ्रंट पर गुर्जर महापुरुष की प्रतिमा लगाएंगे। उन्होंने कल की भाजपा रैली पर तंज कसा कि वे गैस सिलेंडर का जिक्र करना भूल गए।
किसानों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि किसानों की जमीन ली गई, लेकिन उन्हें बाजार भाव नहीं मिला। उन्होंने आज वादा किया कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी तो जब भी विकास कार्य के लिए जमीन ली जाएगी तो किसानों को बाजार भाव पर मुआवजा मिलेगा। अखिलेश ने याद दिलाया कि पहले यहां पंचायत हुआ करती थी और उन्होंने पंचायत सिस्टम को वापस लाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि 9 सालों में सरकार ने न तो मुआवजा बढ़ाया, न 64% मुआवजा दिया और न ही 4% भूमि दी। उन्होंने लोगों से सरकार बदलने की अपील की। अखिलेश ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने न सिर्फ मुआवजे के साथ खिलवाड़ किया, बल्कि जो कॉलोनियां बसीं, उनका भी विकास नहीं हुआ।