
सीतापुर जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की रिहाई एक बार फिर टल गई है। गुरुवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को उनके रिहा होने की अटकलें थीं, लेकिन एक नई वजह ने उनकी रिहाई में रोड़ा अटका दिया। रामपुर में दर्ज एक अन्य मामले में बढ़ी धाराओं के कारण उन्हें अब दोबारा जमानत करानी होगी।
आजम खां पर रामपुर के क्वालिटी बार पर कब्जे के 2021 के मामले में गुरुवार को हाई कोर्ट ने जमानत मंजूर की थी। यह मुकदमा राजस्व निरीक्षक की शिकायत पर दर्ज हुआ था। हालांकि, रामपुर में शत्रु संपत्ति से जुड़े एक अन्य मामले में जांच के दौरान उनके खिलाफ धाराएं बढ़ा दी गईं, जिसके चलते उनकी रिहाई अटक गई। इस मामले में उनकी अगली पेशी 20 सितंबर को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में होनी है।
कोई कागजात कोर्ट से प्राप्त नहीं हुआ
सीतापुर जेल अधीक्षक एसके सिंह ने स्पष्ट किया कि आजम खां की रिहाई से संबंधित कोई कागजात कोर्ट से प्राप्त नहीं हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बढ़ी हुई धाराओं की कोई जानकारी नहीं है। इस अनिश्चितता के बीच आजम खां की रिहाई की प्रक्रिया और जटिल हो गई है।
रिहाई को लेकर चर्चाएं तेज
आजम खां के समर्थकों और स्थानीय लोगों में उनकी रिहाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, नए कानूनी अड़चनों ने उनकी जेल से रिहाई को फिलहाल अनिश्चित कर दिया है। अब सबकी नजरें रामपुर कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।
