उत्तर प्रदेश: मंत्री न बनाए जाने पर भाजपा विधायक आशा मौर्य का छलका दर्द, बोलीं- मेरे दिल में कहीं न कहीं थोड़ी सी पीड़ा जरूर

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा विधायक आशा मौर्य ने मंत्री न बनाए जाने पर सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा की, हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने अपनी पहली पोस्ट बदल दी।
Asha Mauraya

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। बात क्या… भाजपा विधायक आशा मौर्य ने मंत्री पद न मिलने पर अपनी पीड़ा सोशल मीडिया पर सीधे-सीधे बयां कर दी है। हालांकि, यह भी देखने को मिला कि कुछ ही देर बाद उन्होंने अपनी पहली पोस्ट को हटाकर दूसरी पोस्ट साझा कर दी, जिसने इस पूरे मामले को और दिलचस्प बना दिया।

रविवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में कुल आठ नए चेहरों को जगह मिली। लेकिन इस बीच भाजपा की जुझारू विधायक आशा मौर्य ने मंत्री न बनाए जाने पर सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में साफ शब्दों में लिखा था कि उन्हें देशभर से पत्रकारों, शुभचिंतकों और समर्थकों के फोन कॉल और संदेश मिले हैं, जिसके लिए वे हृदय से आभारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

आशा मौर्य ने व्यक्त की अपनी पीड़ा

लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। उन्होंने इसी पोस्ट में अपना दर्द भी साझा किया। आशा मौर्य ने लिखा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भारतीय जनता पार्टी को समर्पित कार्यकर्ताओं, विशेषकर हम जैसे मौर्य समाज के संघर्षशील एवं निष्ठावान लोगों की आवश्यकता नहीं दिखाई दे रही। उनका सीधा इशारा बाहर से आए हुए बागी एवं दलबदलू नेताओं की तरफ था, जिन्हें प्राथमिकता दी जा रही थी। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से पार्टी और संगठन के लिए समर्पण भाव से कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कहीं न कहीं पीड़ादायक है। फिर भी उन्होंने समाज, सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ने का संकल्प दोहराया।

आशा मौर्य की यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई। सोशल मीडिया पर उनकी नाराजगी की चर्चा तेज हो गई। इसके कुछ ही देर बाद एक नया मोड़ आया। उन्होंने अपनी पहली पोस्ट को तुरंत हटा दिया और उसकी जगह एक नई पोस्ट साझा की। इस दूसरी पोस्ट में भी उन्होंने सभी पत्रकार बंधुओं, देश-प्रदेश से प्राप्त फोन कॉल, सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं एवं समर्थन देने वाले सभी शुभचिंतकों, समर्थकों और स्नेह रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आप सभी का प्रेम, आशीर्वाद और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनके अनुसार, इस स्नेह और समर्थन ने उन्हें सदैव समाज एवं संगठन के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी है।

उन्होंने पार्टी और संगठन के प्रति अपनी 35 वर्षों की निष्ठा को भी रेखांकित किया। आशा मौर्य ने लिखा कि उन्होंने पिछले 35 वर्षों से पूर्ण समर्पण भाव, निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए सदैव संगठन हित को सर्वोपरि रखा है। जनसेवा और समाजहित के लिए निरंतर कार्य करना ही उनके जीवन का उद्देश्य रहा है और आगे भी वे पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करती रहेंगी।

आशा मौर्य ने वर्षों की मेहनत और निष्ठा से जुड़ी भावनाओं का किया जिक्र

हालांकि, इस नई पोस्ट में भी उन्होंने अपने मन की पीड़ा को छिपाया नहीं। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समर्पित कार्यकर्ता होने के नाते कहीं न कहीं मन में थोड़ी पीड़ा अवश्य हुई है, क्योंकि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और निष्ठा हर कार्यकर्ता के लिए भावनात्मक रूप से जुड़ी होती है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पीड़ा उनके संकल्प को कमजोर नहीं करेगी, बल्कि समाज और संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। विधायक आशा मौर्य ने अपने संदेश में दोहराया कि वे पहले भी पार्टी एवं संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करती रही हैं और आगे भी सदैव संगठन एवं समाज हित में कार्य करती रहेंगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि समाज के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती, सत्यनिष्ठा और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ जारी रहेगी।

Ankita Chourdia
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