उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली की कम आपूर्ति और व्यापक कटौती से उत्पन्न हुए गंभीर संकट ने राज्य की विशाल आबादी के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस विकट स्थिति पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
मायावती ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से एक विस्तृत पोस्ट जारी करते हुए स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले प्रदेश में भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली की अपर्याप्त आपूर्ति और व्यापक कटौती की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे विशेषकर गरीब, मध्यम वर्ग के नागरिक, किसान, छोटे व्यापारी और करोड़ों अन्य मेहनतकश लोगों का दैनिक जीवन अत्यंत कष्टदायी हो गया है। मायावती ने यह भी रेखांकित किया कि इस स्थिति को लेकर जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है, जिसे लोग विभिन्न माध्यमों से प्रकट कर रहे हैं और यह विषय मीडिया में भी निरंतर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि जनमानस की इन कष्टों और परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक उपाय अविलंब किए जाने चाहिए। इसके अतिरिक्त, बहुजन समाज पार्टी प्रमुख ने भविष्य की आवश्यकताओं पर बल देते हुए यह सुझाव भी दिया कि नए पावर प्लांटों की स्थापना जैसे दीर्घकालिक उपायों के माध्यम से बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जाना चाहिए, जो व्यापक जनहित में अत्यंत उचित और आवश्यक होगा।
इससे पहले भी मायावती ने अन्य महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। इसी क्रम में, उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आए जबरदस्त आंधी-तूफान के कारण हुई जान-माल की भारी तबाही पर भी चिंता व्यक्त की थी। मायावती ने तब राज्य सरकार से प्रभावित लोगों और परिवारों के प्रति पूरी उदारता बरतने और हर संभव सहायता प्रदान करने का आह्वान किया था। उनका मानना था कि ऐसा करने से ही वे लोग अपने उजड़े और बिखरे हुए पारिवारिक जीवन को पुनः समेटकर नई सिरे से अपनी जिंदगी की शुरुआत कर सकेंगे, जो कि सरकार का नैतिक दायित्व है।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर मायावती ने जताई कड़ी आपत्ति
इसके अतिरिक्त, बहुजन समाज पार्टी प्रमुख ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में की जा रही अनवरत वृद्धि पर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने विशेष रूप से पेट्रोल और डीज़ल की कीमत में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बढ़ोतरी करोड़ों गरीब और मेहनतकश परिवारों, खेती-किसानी से जुड़े लोगों के साथ-साथ मध्यम वर्ग के जीवन को भी अत्यंत बुरी तरह से प्रभावित करेगी। मायावती ने स्पष्ट किया कि महंगाई की यह मार इन सभी वर्गों के परिवारों के पालन-पोषण पर सीधा और नकारात्मक असर डालेगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि महंगाई को नियंत्रित करने और आम लोगों के जीवन को दुष्कर बनाने वाली इस प्रकार की नियमित मूल्य वृद्धियों को कम करने के लिए तत्काल प्रभावी और सार्थक कदम उठाए जाएं, क्योंकि यही वर्तमान समय की सबसे बड़ी मांग है और जनहित में नितांत आवश्यक भी है।
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले राज्य में भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली की कम अपूर्ति व कटौती आदि की आम शिकायतों व उसको लेकर विशेषकर ग़रीब, मध्यम वर्ग, किसान, छोटे व्यापारियों व अन्य करोड़ों मेहनतकश लोगों का जीवन अति-कष्टदायी बना हुआ है तथा इसको लेकर लोग विभिन्न रूपों में…
— Mayawati (@Mayawati) May 22, 2026





