प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय द्वारा महोबा में दिए गए आपत्तिजनक बयान ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तत्काल और तीखा पलटवार किया है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई बड़े नेताओं ने कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व पर जमकर निशाना साधा है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने राज्य के महोबा में एक सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया। उनकी इस अभद्र भाषा को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के पुराने दिनों और राजनीतिक मर्यादाओं के उल्लंघन का मुद्दा उठाया है। भाजपा के कई नेताओं ने अजय राय को वह वक्त भी याद दिलाया जब वे बीमार थे और प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी, जो राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद एक मानवीय दृष्टिकोण का परिचायक था।
मामले में सीएम योगी की कड़ी प्रतिक्रिया
इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विषय में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा की गई यह टिप्पणी केवल अभद्र, असंसदीय और अक्षम्य ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के गहरे राजनीतिक कुसंस्कारों को उजागर करती है। उन्होंने आगे कहा कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि पूर्व में कांग्रेस के ‘युवराज’ भी अपने कुसंस्कार का परिचय दे चुके हैं। सीएम योगी ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति को हताशा, निराशा, कुंठा और मानसिक दिवालिएपन के शीर्ष स्तर पर पहुंचना बताया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अब कांग्रेस की स्थिति ऐसी नहीं रही कि वह देशवासियों से क्षमा भी मांग सके।
भाजपा सांसद अरुण गोविल ने भी अजय राय पर बोला हमला
मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल ने भी अजय राय के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा अपने राजनीतिक विरोधियों के प्रति भी सम्मान और शालीनता का भाव रखा है। गोविल ने उस घटना का जिक्र किया जब अजय राय अस्पताल में भर्ती थे और प्रधानमंत्री मोदी ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की थी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद आज अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री के लिए सार्वजनिक रूप से प्रयोग की गई अभद्र भाषा न केवल राजनीतिक मर्यादाओं का घोर उल्लंघन है, बल्कि यह लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा को भी गंभीर ठेस पहुंचाती है। अरुण गोविल ने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग ऐसी दुकान चलाने का दावा करते हैं, उन्हें पहले अपनी राजनीति और अपने नेताओं की भाषा में सभ्यता, संयम और सम्मान का स्थान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की राजनीति विचारों की लड़ाई हो सकती है, लेकिन भाषा की गिरावट को कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी के गिरते स्तर पर बहस छेड़ दी है, जहां भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उसकी नैतिकता और राजनीतिक संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के विषय में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा की गई अभद्र, असंसदीय और अक्षम्य टिप्पणी कांग्रेस के राजनीतिक कुसंस्कारों को प्रकट करती है।
पूर्व में कांग्रेस के ‘युवराज’ भी अपने कुसंस्कार का परिचय दे चुके हैं।
कांग्रेस अब हताशा,…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 22, 2026






