‘यूपी विकास के रास्ते पर नहीं, बल्कि विनाश की राह जा रहा’, चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार पर साधा निशाना

सांसद ने सरकारी विभागों के निजीकरण और नौकरियों में कटौती की आलोचना की। उन्होंने ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की, क्योंकि जनता का भरोसा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग पर कम हो रहा है।
‘यूपी विकास के रास्ते पर नहीं, बल्कि विनाश की राह जा रहा’, चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार पर साधा निशाना

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बरेली के संजय कम्युनिटी हॉल में प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। चंद्रशेखर ने कहा कि यूपी विकास के रास्ते पर नहीं, बल्कि विनाश की राह पर है। उन्होंने वाराणसी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां एक नवजात और उसकी मां को जन्म के दो घंटे बाद अस्पताल से निकाल दिया गया, जिससे सरकार की संवेदनहीनता जाहिर होती है।

चंद्रशेखर ने कहा कि देश में कमजोर वर्गों के अधिकार छीने जा रहे हैं और मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने जातिगत जनगणना की मांग उठाई और कहा कि 1931 के बाद से संपूर्ण जनगणना नहीं हुई। मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू करने और धन-धरती के बंटवारे की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने संविधान पर खतरे की बात कही और बताया कि यह संविधान ही है, जिसके कारण वह आज एक हेडमास्टर के बेटे के रूप में सांसद बन सके।

निजीकरण और नौकरियों में कटौती

सांसद ने सरकारी विभागों के निजीकरण और नौकरियों में कटौती की आलोचना की। उन्होंने ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की, क्योंकि जनता का भरोसा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग पर कम हो रहा है। किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि छुट्टा पशु, गुलदार और प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है। बिजनौर में गुलदार के हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार से गरीब, मजदूर और किसानों की जान की अहमियत पर सवाल उठाया।

जनता को ज्ञान देने की कोशिश

चंद्रशेखर ने मेरठ में एक कथावाचक पर निशाना साधा, जो मेरठ को मिनी पाकिस्तान कहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोग, जो खुद को संत कहते हैं, जनता को ज्ञान देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया और कहा कि बेटियां पढ़ेंगी तो तीन पीढ़ियां सुधरेंगी। साथ ही, लोकतांत्रिक व्यवस्था में बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए वोट के अधिकार की अहमियत बताई।

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