मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों को जारी बजट के व्यय को लेकर वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में सरकार के उन 20 प्रमुख विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिनके पास सर्वाधिक बजट प्रावधान हैं। साथ ही इस बैठक में बजट प्रावधान, शासन से जारी स्वीकृतियां, विभागाध्यक्षों द्वारा आवंटन और वास्तविक व्यय की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई।
बैठक में योगी ने वित्त विभाग को दिए ये निर्देश
बैठक में सीएम योगी ने वित्त विभाग को आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के साथ बैठक कर बजट मांग की समीक्षा की जाए और बजट आवंटन से पहले पिछले पांच वर्षों के व्यय का आकलन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वित्त विभाग नई कार्ययोजना पर अभी से काम शुरू करे और केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करे, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र से बजट समय पर प्राप्त किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बजट खर्च में देरी का मुख्य कारण निर्णय लेने में सुस्ती है, जिसे हर हाल में दूर किया जाना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी कि बजट व्यय में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभाग के अधिकारी तुंरत निर्णय लें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विभागों के बजट का कोई हिस्सा अभी तक जारी नहीं हो पाया है, उसे तत्काल जारी किया जाए। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय को यह जिम्मेदारी दी गई कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उन्हें चिन्हित कर संबंधित मंत्रियों को पत्र जारी किए जाएं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी अभी से प्रारंभ की जाए। विभागों की बजट मांगों की समीक्षा, पूर्व वर्षों के व्यय का आकलन एवं केंद्र सरकार से प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए। pic.twitter.com/Zdv2PsJ1CD
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) January 2, 2026





