देश का भविष्य गढ़ने वालों के स्वास्थ्य का ख़्याल रखेगी योगी सरकार, शिक्षकों को मिलेगा कैशलैस इलाज, 9 लाख परिवारों को होगा लाभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा जब हम लीक से हटकर कुछ कार्य करते हैं तो वह नवाचार बनता है और वही लोगों के लिए प्रेरणा बनता है।
Yogi Adityanath announcement

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शिक्षक दिवस पर प्रदेश के शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया, लखनऊ में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी शिक्षकों को अब कैशलैस इलाज का लाभ मिलेगा इसमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्व वित्त पोषित विद्यालय के शिक्षक शामिल हैं, उन्होंने आगे कहा कि कि हम इसमें शिक्षा मित्र, अनुदेशक और रसोइया को भी शामिल कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में शिक्षक दिवस के अवसर पर 81 शिक्षकों को सम्मानित किया और उनके लिए कैशलैस इलाज की घोषणा की, योगी ने कहा इससे उत्तर प्रदेश के लगभग 9 लाख शिक्षक यानि 9 लाख परिवार लाभान्वित होंगे,  उन्होंने कहा कि शिक्षा परिवार के हर सदस्य की स्वास्थ्य को सुरक्षा सरकार देगी, योगी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार शिक्षा मित्र और अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाने पर विचार कर रही है।

दादा-दादी, नाना-नानी अपने  देश के नायकों की कहानी सुनाते थे 

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी कहानी के पात्र भारतीय नायक होने चाहिए, प्रेरणादायी पात्र होने चाहिए, पात्रता की दृष्टि से देखना है तो रामायण से बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता, हमारे यहां बचपन में दादा-दादी, नाना-नानी जो कहानी सुनाती थीं, वह प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण की कहानी सुनाती थीं, किसी अन्य विदेशी हीरो की कहानी नहीं सुनाती थीं अपने देश के नायकों की कहानी सुनाती थी जिससे उसके अनुरूप बनने की एक प्रेरणा बच्चों के मन में बचपन में ही पैदा हो सके।

पथ प्रदर्शक की भूमिका ईश्वर ने आपको दी ये आपका सौभाग्य 

योगी ने कहा याद रखना शिक्षा केवल शिक्षा या केवल अक्षर ज्ञान मात्र नहीं है, ये किसी भी सभ्य समाज, समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है, एक नींव है, यहाँ से हम जो भी गढ़ेंगे जो कुछ आगे बढ़ाएंगे वही आगे चलकर देश को नेतृत्व देगा समाज को नई राह दिखायेगा और इसके लिए पथ प्रदर्शक की भूमिका ईश्वर ने आपको दी है ये आपका सौभाग्य है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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