उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर विभिन्न राज्योंं से आए कलाकारों को सम्मानित किया। ये कलाकार देश के विभिन्न राज्यों से आए थे और उन्होंने अपनी-अपनी लोक कला, लोक नृत्य और सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर प्रस्तुतियां दी थीं।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि इन कलाकारों ने अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इनकी कला साधना ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करती है। उन्होंने कार्यक्रम मेंं सभी प्रतिभागी कलाकारों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बता दें कि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कलाकारों से व्यक्तिगत रूप से संवाद भी किया, उनकी प्रस्तुतियों की प्रशंसा की और उन्हें उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों के भ्रमण का निमंत्रण भी दिया। कलाकारों ने मुख्यमंत्री से मिलकर प्रसन्नता व्यक्त की, उनका आभार जताया और उनके सुशासन की प्रशंसा की।
कलाकारों को कराया जाएगा अयोध्या भ्रमण
बता दें कि संवाद के दौरान मुख्यमंत्री राज्य के पर्यटक स्थलों के बारे में बता रहे थे। इस दौरान उन्होंने चर्चा करते हुए कहा कि कलाकारों के प्रत्येक समूह को यूपी आने का मौका मिला है तो वह यहां कुछ पर्यटन स्थलों का अवश्य भ्रमण करें, ताकि उन्हें प्रदेश की संस्कृति की जानकारी मिल सके। तब एक ग्रुप ने अयोध्या जाने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने तत्काल की कार्यक्रम में अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी कलाकार अयोध्या जाना चाहें, उनके भ्रमण की पूरी व्यवस्था की जाए।
कार्यक्रम में 261 कलाकारों को किया गया सम्मानित
बता दें कि कार्यक्रम में यूपी समेत कुल 10 राज्यों के 18 कला समूहों के 261 कलाकारों को सम्मानित किया गया। इनमें पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, सिक्किम और त्रिपुरा के कलाकार शामिल थे।
77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों एवं देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागी कलाकारों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ।
इन कलाकारों ने अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं तथा… pic.twitter.com/7PSRxd3uqU
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 26, 2026





