मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर राष्ट्रीय वानिकी संवाद का किया उद्घाटन, प्रकृति के संरक्षण को बताया समय की मांग

लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय वानिकी संवाद का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे वनाच्छादन बढ़कर लगभग 10 प्रतिशत हो गया है। सीएम ने नदियों में डॉल्फिन की बढ़ती संख्या और रामसर साइट्स के विस्तार पर भी जानकारी दी।
CM Yogi Adityanath

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राष्ट्रीय वानिकी संवाद का उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश की पर्यावरणीय उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी। सीएम ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में राज्य में पौधरोपण अभियान को जन आंदोलन का रूप देने से वनाच्छादन (Forest Cover) बढ़ाने में अभूतपूर्व सफलता मिली है।

सीएम योगी ने बताया कि इस अवधि में पूरे प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इस व्यापक प्रयास का परिणाम यह हुआ है कि उत्तर प्रदेश का वनाच्छादन बढ़कर लगभग 10 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सरकार का अगला लक्ष्य इसे 16 से 17 प्रतिशत तक ले जाना है, ताकि पारिस्थितिकी संतुलन को और मजबूत किया जा सके।

“माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ का संदेश हमें प्रकृति के संरक्षण की प्रेरणा देता है। एक वृक्ष का मूल्य दस पुत्रों के समान होता है। हमें इस वैदिक परंपरा को आत्मसात करना होगा।”- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री

रामसर साइट्स और ईको-टूरिज्म पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वेटलैंड्स के संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 तक उत्तर प्रदेश में केवल एक रामसर साइट थी, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 11 हो गई है। सरकार का लक्ष्य इसे 100 तक पहुंचाने का है। उन्होंने कहा कि रामसर साइट्स न केवल पर्यटन को बढ़ावा देती हैं और वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये भू-माफियाओं से सरकारी भूमि को बचाने में भी सहायक सिद्ध होती हैं।

इसके अलावा, दुधवा नेशनल पार्क जैसे क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कनेक्टिविटी में सुधार किया गया है और एक्सप्रेस-वे के किनारों पर भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।

वन्यजीव संरक्षण और लौटती डॉल्फिन

सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां कार्बन फाइनेंस प्रोजेक्ट के तहत किसानों को सीधे कार्बन क्रेडिट का लाभ दिया गया है। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को ‘आपदा’ की श्रेणी में शामिल करने के निर्णय को ऐतिहासिक बताया। नमामि गंगे परियोजना की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की नदियों में गांगेय डॉल्फिन की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जो 23 से बढ़कर 2,397 तक पहुंच गई है। गोरखपुर में जटायु संरक्षण केंद्र की स्थापना को भी उन्होंने जैव विविधता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

साहसी बच्चों और उत्कृष्ट कर्मियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने तेंदुए के हमले से अपनी और दूसरों की जान बचाने वाले साहसी बच्चों को सम्मानित किया। बहराइच के 10 वर्षीय अच्छेलाल और प्रयागराज की 18 वर्षीय तनु सिंह को उनके अदम्य साहस के लिए विशेष रूप से सराहा गया। इसके साथ ही, वानिकी और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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