उत्तर प्रदेश के लाखों रसोइयों को रक्षाबंधन से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी सौगात दी है। योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत परिषदीय और एडेड प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत 3.53 लाख रसोइयों के मानदेय में वृद्धि की है।
योगी सरकार ने इन रसोइयों के मानदेय में 1,000 प्रति माह की बढ़ोतरी की है। इस वृद्धि के बाद अब रसोइयों को हर महीने 3000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इन दरें 1 सितंबर 2026 से लागू होंगी। इसका भुगतान अक्टूबर 2026 के महीने में किया जाएगा। यह मानदेय वर्ष में 10 महीने के लिए सीधे रसोइयों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसके अलावा रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा की सुविधा भी दी जाएगी
रविवार को लखनऊ में मिड-डे मील रसोइयों के सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा रक्षा बंधन से ठीक पहले प्रदेश भर की 3 लाख 53 हजार से अधिक रसोइयों को चार सौगात दी जा रही है। पहला मानदेय में वृद्धि, दूसरा दुर्घटना होने पर परिवार को 2 लाख की सहायता, तीसरा प्रति वर्ष 5 लाख तक का कैशलेस उपचार और चौथा साड़ी के लिए धनराशि दुगुनी। 9 वर्ष पहले प्रदेश के रसोइयों को 1,000 मानदेय मिलता था, जिसे हमने बढ़ाकर 2,000 किया और आज उसे बढ़ाकर 3,000 किया जा रहा है। इसके लिए मैं प्रदेश के सभी मिड-डे मील रसोइयों को बधाई देता हूं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा अभी तक रसोइयों के लिए कोई सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं थी। अब आपका पूरा मानदेय बैंक खाते में जाएगा। साथ ही, अगर कोई दुर्घटना होती है, कोई विकलांगता का शिकार हो जाता है, तो उस परिवार को बैंक तत्काल 2 लाख की सहायता उपलब्ध कराएगा।अगर किसी रसोइए के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसके परिवार को 2 लाख की सहायता स्टेट बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक रसोइया और उसके परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक कैशलेस सुविधा दी जाएगी। साड़ियों के लिए 500 रुपए की जगह अब 1 हजार रुपए दिए जाएंगे।






