
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सोमवार को राजधानी लखनऊ में ‘साइबर युद्ध के आयाम, बहुपक्षीय कानूनी ढांचे, फोरेंसिक और रणनीतिक प्रतिकार’ विषय पर तीन दिवसीय इंटरनेशनल समिट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पद्मश्री डॉ. लालजी सिंह एडवांस्ड डीएनए डायग्नोस्टिक सेंटर(ADDC), एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स लैब व अटल पुस्तकालय का उद्घाटन किया। छात्र-छात्राओं को स्मार्ट टैबलेट का वितरण किया और प्रदेश के समस्त जनपद/कमिश्नरेट हेतु 75 मोबाइल फोरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों, भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत काम कर रही है जिसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे है। उन्होंने कहा 2017 में प्रदेश में केवल चार फॉरेंसिक लैब थी।
75 नई फोरेंसिक यूनिट का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा हमारी जीरो टोलरेंस शासन के वक्तव्यों तक सीमित रहता है इसलिए हमें इसपर ध्यान दिया हमने तय किया कि हमरे पास 18 रेंज हैं हर रेंज में ए ग्रेड की फोरेंसिक लैब होनी चाहिए,और आज संख्या बढ़कर 12 हो गई हैं, 6 नई फॉरेंसिक लैब का निर्माण किया जा रहा है। योगी ने कहा कि एक एक जनपद में हम पहले ही एक एक मोबाइल फोरेंसिक यूनिट दे चुके हैं और आज 75 जनपदों के लिए 75 नई फोरेंसिक यूनिट का आज शुभारंभ कर रहे हैं।
अपराधी को 24 से 48 घंटे के अन्दर पुलिस के हाथ लगना ही है
योगी ने कहा पहले उत्तर प्रदेश में अपराधी अपराध कर लेता था लेकिन आज यदि अपराध करता है तो 24 से 48 घंटे के अन्दर उसे पुलिस के हाथ लगना ही है , आज ये स्थिति उत्तर प्रदेश पुलिस ने विकसित कर ली है और इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा के मानकों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
वो समय गया जब उत्तर प्रदेश पुलिस को माफिया दौड़ाता था
योगी ने कहा हमें समय के अनुरूप अपने आप को तैयार करना होगा समाज की मांग के अनुरूप चलना होगा यदि ऐसा नहीं करेंगे तो स्वयं के अस्तित्व का संकट खड़ा हो जायेगा, योगी ने कहा कि अब वो समय गया जब उत्तर प्रदेश पुलिस भागती थी, पीछे से कोई अपराधी या माफिया उसे दौडाता था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश पुलिस का नाम सुनकर अपराधी भागता है।
अब @Uppolice का नाम सुनकर अपराधी भागता है… pic.twitter.com/zVwrGRzBME
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 18, 2025
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

