चंदौली और सोनभद्र को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगी योगी सरकार, विकास कार्यों में लाने की तैयारी

सीएम योगी ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ-प्रयागराज होते हुए मिर्जापुर, भदोही और वाराणसी के रास्ते चंदौली से जोड़ा जाएगा।
चंदौली और सोनभद्र को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगी योगी सरकार, विकास कार्यों में लाने की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को चंदौली और वाराणसी दौरे के दौरान कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि चंदौली और सोनभद्र जिलों को जल्द ही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा, जिससे लखनऊ और दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी और क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होगी। इस योजना पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है और सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।

सीएम योगी क्या बोले?

चंदौली कलेक्ट्रेट परिसर में समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम योगी ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ-प्रयागराज होते हुए मिर्जापुर, भदोही और वाराणसी के रास्ते चंदौली से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में एलिवेटेड पुल निर्माण के प्रस्ताव पर काम चल रहा है। जिससे जाम की समस्या से निजात मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” पौधरोपण महाभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा भी लगाया और जिले के कृषि व औद्योगिक विकास पर जोर देते हुए कहा कि नौगढ़ क्षेत्र में जमीन तलाश कर निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

न्यायालय भवन पर 200 करोड़ खर्च होंगे

योगी आदित्यनाथ ने बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में बाबा की मूर्ति की स्थापना को मंजूरी देने की बात भी कही। साथ ही उन्होंने बताया कि जिले में प्रस्तावित न्यायालय भवन पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह एकीकृत भवन होगा, जिसमें अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और आवास की सुविधा होगी।

अफसरों को दिए कड़े निर्देश

वाराणसी सर्किट हाउस में विकास परियोजनाओं और कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान आने वाले धर्मस्थलों को स्थानीय लोगों से सहमति के साथ दूसरी जगह विधिवत स्थानांतरित किया जाए।

स्वच्छता अभियान को लेकर सीएम योगी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि वाराणसी को देश की टॉप फाइव स्वच्छ शहरों की सूची में शामिल करने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएं। हाल ही में लागू हुए नए बिल्डिंग बायलॉज के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। इसके लिए सोशल मीडिया, डिजिटल माध्यम और सेमिनारों के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य को बरसात के तुरंत बाद शुरू करने के आदेश भी दिए।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews