उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक समारोह में प्रदेश के 5 मेधावी खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिनमें T20 वर्ल्ड कप 2026 विजेता टीम का हिस्सा रहे क्रिकेटर रिंकू सिंह भी शामिल हैं। रिंकू को खेल अफसर (RSO) के पद पर नियुक्ति मिली है, लेकिन वह कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे।

इस अवसर पर सीएम योगी ने बताया कि रिंकू सिंह पहले से ही एक कैंप का हिस्सा हैं, जिस वजह से वह कार्यक्रम में नहीं आ सके। उन्होंने कहा, “उनका नियुक्ति पत्र यहां रखा है, उन्हें बाद में दे दिया जाएगा।” इस दौरान सीएम हल्के-फुल्के अंदाज में भी नजर आए और चुटकी लेते हुए कहा, “हमारे होम सेक्रेटरी भी गुल्ली-डंडा खेल चुके हैं। चौका-छक्का कहीं भी लगे, गेंद और बल्ला यूपी का होता है।”

रिंकू के अलावा इन्हें भी मिली बड़ी जिम्मेदारी

सरकार ने सिर्फ रिंकू सिंह को ही नहीं, बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी सम्मानित करते हुए महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया है। ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य रहे गाजीपुर के राजकुमार पाल को पुलिस विभाग में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) बनाया गया है।

इसके अलावा पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने वाले तीन अन्य एथलीटों को भी नियुक्ति पत्र मिले:

  • प्रवीण कुमार (नोएडा): ऊंची कूद में स्वर्ण पदक विजेता, अब पंचायती राज अधिकारी।
  • अजीत सिंह (इटावा): भाला फेंक में रजत पदक विजेता, अब जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO)।
  • सुमिरन (गाजियाबाद): 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक विजेता, अब पंचायती राज अधिकारी।
  • प्रीतिपाल (मुजफ्फरनगर): पैरा एथलेटिक्स में कांस्य पदक विजेता, अब खंड विकास अधिकारी (BDO)।

खेलों को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

“इन खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्हें सम्मानित करना गर्व की बात है। खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है। अब पुरस्कार राशि बढ़ाने का समय है। अगले साल से पुरस्कारों की राशि 10-10 लाख रुपए की जाएगी।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जो प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, “उचित मंच और अवसर मिलने पर यही युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, यहां तक कि ओलंपिक में भी पदक दिलाने की क्षमता रखते हैं।” उन्होंने बताया कि मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका लोकार्पण किया जाएगा।

नियुक्ति पाने के बाद क्या बोले खिलाड़ी?

सरकारी नौकरी मिलने पर खिलाड़ियों ने खुशी जाहिर की और सरकार की खेल नीति की सराहना की। इटावा के पैरा एथलीट अजीत सिंह ने कहा, “यह मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व की बात है। यूपी में सरकार जिस तरह से स्पोर्ट्स पॉलिसी पर काम कर रही है, उसका असर अब दिखने लगा है। आने वाले 4 से 6 साल में उत्तर प्रदेश भी हरियाणा की तरह खेलों में एक मजबूत राज्य बन जाएगा।”

वहीं, DSP बने हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल ने कहा, “प्रदेश सरकार की स्पोर्ट्स पॉलिसी से खिलाड़ियों को अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। मुझे लगता है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स का हब बन सकता है।” BDO बनीं प्रीति पाल ने कहा कि अब तक हम देश के लिए 100 फीसदी देते थे, अब विभाग के लिए भी पूरी मेहनत से काम करेंगे।