गोरखपुर में सीएम योगी आज करेंगे दो कल्याण मंडपों का उद्घाटन, किफायती दरों पर मिलेंगी सुविधाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो साल पहले कल्याण मंडपों की परिकल्पना की थी, जिसका उद्देश्य सीमित बजट वाले परिवारों को विवाह और शुभ अवसरों के लिए सुसज्जित स्थान उपलब्ध कराना था।
गोरखपुर में सीएम योगी आज करेंगे दो कल्याण मंडपों का उद्घाटन, किफायती दरों पर मिलेंगी सुविधाएं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार, 23 अगस्त को गोरखपुर में दो नवनिर्मित कल्याण मंडपों का उद्घाटन करेंगे। ये कल्याण मंडप विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए बनाए गए हैं, ताकि वे किफायती दरों पर विवाह और अन्य सामाजिक समारोहों का आयोजन कर सकें। आधिकारिक बयान के अनुसार, ये केंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और गोरखपुर में अब ऐसे चार केंद्र उपलब्ध होंगे, जो सामाजिक आयोजनों को सुलभ बनाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो साल पहले कल्याण मंडपों की परिकल्पना की थी, जिसका उद्देश्य सीमित बजट वाले परिवारों को विवाह और शुभ अवसरों के लिए सुसज्जित स्थान उपलब्ध कराना था। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इस दृष्टिकोण को साकार करते हुए मानबेला के बाबा गंभीरनाथ नगर वार्ड में एक कल्याण मंडप का निर्माण किया। 1,500 वर्ग मीटर में फैले इस मंडप के लिए मुख्यमंत्री की विधायक निधि से धनराशि उपलब्ध कराई गई, जिससे यह परियोजना समय से पहले पूरी हो सकी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस कल्याण मंडप

मानबेला में निर्मित दो मंजिला कल्याण मंडप की लागत 2.65 करोड़ रुपये है, जिसमें 250 अतिथियों की क्षमता वाला एक विशाल हॉल, रसोईघर, स्टोररूम, चेंजिंग रूम और दोनों मंजिलों पर पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय हैं। दूसरा कल्याण मंडप राप्ती नगर एक्सटेंशन, टोला पीरू शहीद में 85 लाख रुपये की लागत से 450 वर्ग मीटर के भूखंड पर बनाया गया है। इस दो मंजिला भवन में बहुउद्देशीय हॉल, अलग शौचालय, दो कमरे, बरामदा और एक खुली छत शामिल है, जहां 125 लोगों के लिए आयोजन किए जा सकते हैं।

सामाजिक समावेशन और विकास को बढ़ावा

इन कल्याण मंडपों के उद्घाटन से गोरखपुर में सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किफायती और सुसज्जित स्थान उपलब्ध होंगे, जो सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देंगे। मुख्यमंत्री का यह प्रयास न केवल आम जनता को सस्ती सुविधाएं प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर सामुदायिक विकास को भी प्रोत्साहित करेगा। इन केंद्रों के माध्यम से गोरखपुर न केवल सांस्कृतिक, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी मजबूत होगा, जिससे क्षेत्र में समृद्धि और एकता को बढ़ावा मिलेगा।

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