उत्तर प्रदेश की राजधानी में आज कांग्रेस द्वारा आयोजित विधानसभा घेराव को लेकर सुबह से ही हलचल तेज है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों को महीनों से लंबित भुगतान का मामला इस प्रदर्शन की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
पार्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मनरेगा मजदूरों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी। कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के विभिन्न हिस्सों से जुटने लगे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से एहतियाती कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
नेताओं की नजरबंदी पर विवाद
घेराव कार्यक्रम से पहले ही पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने की कोशिश कर रही है।
दूसरी ओर प्रशासन का तर्क है कि कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाए गए हैं। विधानसभा परिसर के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है ताकि प्रदर्शनकारियों को परिसर में प्रवेश से रोका जा सके।
प्रदेश अध्यक्ष ने रखी अपनी बात
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सुबह ही पार्टी कार्यालय पहुंच गए और कार्यकर्ताओं के साथ रणनीति बनाने में जुट गए। उन्होंने मनरेगा योजना के मूल उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह योजना महात्मा गांधी के नाम पर लागू की गई थी जो गरीबों को 100 दिनों का रोजगार देती थी।
“वर्तमान की जो यह मोदी सरकार है, पूरी तरीके से इस कानून को खत्म कर रही है। मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 11-12 महीने से रोक रखी हुई है। सोचिए किस तरीके से, कैसे अपना परिवार चलाते होंगे? कितने गरीब लोग हैं, रोज कुआं खोदो, रोज पानी पीने वाले लोग हैं।” — अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस
अजय राय ने यह भी कहा कि गरीबों को भरोसा था कि उन्हें काम मिलेगा और वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकेंगे, लेकिन अब उनका भुगतान ही रोक दिया गया है।
अन्य मुद्दों पर भी निशाना
प्रदेश अध्यक्ष ने सिर्फ मनरेगा तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने शंकराचार्य के कथित अपमान, माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति तोड़े जाने, दाल मंडी के ध्वस्तीकरण और लखनऊ के 600 साल पुराने मजार को नोटिस दिए जाने जैसे मुद्दों पर भी योगी सरकार को घेरा। उन्होंने प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार के मामलों का भी जिक्र किया।
कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि बहुत से लोग प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे हैं और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखकर राज्य सरकार डरी हुई है, इसलिए नेताओं को नजरबंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है।
पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और विधानसभा की ओर आने-जाने वाले सभी मार्गों पर चौकसी बरती जा रही है। प्रशासन नहीं चाहता कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो, इसलिए पूरे इलाके में सख्त निगरानी रखी जा रही है।





