उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आशा वर्करों, कार्यकर्ताओं और शिक्षा मित्रों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार इन सभी का मानदेय बढ़ाने पर विचार कर रही है। विधान परिषद में मुख्यमंत्री को इस बारे में बात करते हुए देखा गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को हर वर्ग की चिंता है।
परिषद में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में ये घोषणा की है कि आंगनबाड़ी और आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाएंगे। वहीं ये भी बताया कि शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए भी सरकार काम कर रही है।
कैशलैस इलाज की मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को जल्द कैशलैस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी। वहीं वृद्ध और निराश्रित महिलाओं तथा दिव्यांगजनों की पेंशन में भी वृद्धि की जाएगी। इसका फायदा करोड़ों लाभार्थियों को होने वाला है।
लाखों कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल
प्रदेश की आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता शिक्षा, ग्रामीण स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का काम करती हैं। मानदेय में बढ़ोतरी होने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और यह बेहतर तरीके से अपना काम कर सकेंगे। बजट सत्र के दौरान हुई एक घोषणा लोक कल्याणकारी कदम के तौर पर देखी जा रही है।
यूपी की स्थिति पर चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने संबोधन के दौरान उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बात करते हुए देखा गया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले माफिया और अपराध का राज था लेकिन अब कानून राज स्थापित हो गया है। लोगों के बीच मौजूद फियर जोन, फेथ जोन में बदल गया है। दंगा, कर्फ्यू कुछ भी नहीं है सब कुछ अच्छा है। प्रयागराज महाकुंभ के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि 21 करोड लोगों ने त्रिवेणी में स्नान किया जो सुरक्षा व्यवस्था पर जनता के विश्वास का प्रमाण है।





