भारतीय शेयर बाजारों में 17 फरवरी को कारोबार की शुरुआत से ही गिरावट का रुख बना रहा। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई और यह 83000 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान निफ्टी भी करीब 100 अंक लुढ़ककर 25600 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक आज बैंकिंग, FMCG और ऑटो शेयरों में खासतौर पर बिकवाली देखी गई। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बनाने का एक प्रमुख कारण बनी हुई है।
कोचीन शिपयार्ड के शेयर में जबरदस्त तेजी
गिरावट के बीच कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कोचीन शिपयार्ड के शेयर में 7 फीसदी से अधिक की उछाल आई। रक्षा मंत्रालय से 5000 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिलने के बाद इस डिफेंस PSU स्टॉक ने BSE पर 7.27 फीसदी की तेजी पकड़ते हुए 1575 रुपए के भाव को छू लिया।
यह ऑर्डर कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और निवेशकों ने इस खबर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
वैश्विक स्तर पर देखें तो जापान का निक्केई इंडेक्स 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 56354 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स सोमवार को बंद रहे। एशियाई बाजारों में मिले-जुले संकेतों का भी घरेलू बाजार पर असर देखा गया।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने 16 फरवरी को 972 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों DII ने 1667 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। फरवरी महीने में अब तक FIIs ने 2346 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं, जबकि DIIs ने 11443 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं।
जनवरी 2026 में FIIs ने कुल 41435 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे। उसी अवधि में DIIs ने 69220 करोड़ रुपए के शेयर खरीदकर बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई थी।
पिछले कारोबारी सत्र में रही थी तेजी
शेयर बाजार में 16 फरवरी यानी रविवार से पहले के कारोबारी दिन में मजबूती रही थी। सेंसेक्स 650 अंकों की बढ़त के साथ 83277 के स्तर पर बंद हुआ था। इसी तरह निफ्टी में 212 अंकों की तेजी देखी गई थी और यह 25683 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, अगले कारोबारी सत्र में यह तेजी बरकरार नहीं रह सकी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कुछ सेक्टर-विशिष्ट कमजोरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।





