फरवरी में अब तक रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने कई बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठा चुका है। बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र, डीसीबी बैंक समेत कई पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के अलावा सहकारी बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लग चुका है। वहीं एक का लाइसेंस भी रद्द हो चुका है। एक बार फिर आरबीआई की कार्रवाई सामने आई है। महाराष्ट्र में स्थित एक बैंक पर 40,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने 16 फरवरी 2026 को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। मातोश्री महिला सहकारी बैंक लिमिटेड, पारनेर महाराष्ट्र पर केवाईसी से संबंधित नियमों का सही से अनुपालन न करने पर पेनल्टी लगाई गई है।
मार्च 2025 में हुआ निरीक्षण
इस बैंक के वित्त स्थिति को चेक करने के लिए 31 मार्च 2025 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा एक संवैधानिक निरीक्षण किया था। जांच में पता चला कि बैंक कई दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं कर रहा है। जिसके बाद एक कारण बताओं नोटिस जारी किया गया और पूछा गया कि नियम तोड़ने पर उन पर पेनल्टी क्यों ना लगाई जाए। बैंक की ओर से प्राप्त प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान आरोप सही पाए गए।
बैंक ने तोड़े ये नियम
दरअसल, बैंक खातों के रिस्क कैटेगरी को समय-समय पर रिव्यू करने के लिए एक सिस्टम बनाने में विफल रहा। जिसकी अवधिका 6 महीने में कम से कम एक बार होनी चाहिए थी। ऐसे में आरबीआई द्वारा जारी केवाईसी से संबंधित जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन हुआ। आरोपों की पुष्टि पर आरबीआई ने पेनल्टी लगाना सही समझा। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के सेक्शन 47ए (1)(सी), सेक्शन 46(4)(i) और 56 के तहत यह कदम उठाया गया।
ग्राहकों के लिए चिंता का विषय नहीं
इस एक्शन का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। आरबीआई ने स्पष्ट किया है। खाताधारक पहले की तरह सभी सेवाओं का लाभ उठाते रहेंगे। सेंट्रल बैंक ने कहा कि “यह एक्शन विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य कस्टमर के साथ बैंक के किसी भी ट्रांजेक्शन या एग्रीमेंट की वैधता पर प्रभाव डालना नहीं है। न ही भविष्य में होने वाले किसी भी अन्य कार्रवाई पर प्रभाव डालना है।
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