समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने केंद्र की बीजेपी नीत एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार देश का बंटाधार करने में लगी है और विकास के मामले में इसे काफी पीछे धकेल दिया गया है। शिवपाल ने कहा कि सपा प्रजातंत्र का गला घोंटने वाले बिलों का हर हाल में विरोध करेगी और ऐसे बिल लाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगी। उनके बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।
शिवपाल यादव ने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, और सरकार के वादे सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई की स्थिति बदहाल है, जबकि महंगाई, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार चरम पर हैं। शिवपाल ने बीजेपी पर किसानों की आय दोगुनी करने और एमएसपी लागू करने जैसे वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी बढ़ रही है और दो करोड़ नौकरियों का वादा भी जुमला साबित हुआ।
पूंजीपतियों की सरकार, गरीब-नौजवानों की अनदेखी
शिवपाल ने बीजेपी सरकार को पूंजीपतियों की सरकार करार देते हुए कहा कि यह केवल कुछ गिने-चुने लोगों के हित में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि गरीब, छात्र और बेरोजगार नौजवानों की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। शिवपाल ने यह भी कहा कि देश को “दो गुजराती और दो पैसे वाले लोग” चला रहे हैं, जिससे आम जनता का भला नहीं हो रहा। उनके इस बयान ने बीजेपी के खिलाफ सपा की रणनीति को और आक्रामक करने का संकेत दिया है।
गोला-बारूद के आरोपों का जवाब
हाल ही में सुभासपा नेता ओमप्रकाश राजभर द्वारा सपा पर गोला-बारूद रखने और सिखाने का आरोप लगाए जाने पर शिवपाल ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सपा के नेताओं के पास कभी गोला-बारूद नहीं पकड़ा गया, न ही किसी ने उन्हें ऐसा करते देखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोला-बारूद रखना और फेंकना सपा का काम नहीं है। शिवपाल के इस बयान ने सपा और सुभासपा के बीच चल रही सियासी तनातनी को और उजागर कर दिया है।





