दिल्ली (Delhi) में लाल किले के पास चलती कार में हुए धमाके (Blast) ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। अब जांच एजेंसियों की नजर उत्तरप्रदेश तक पहुंच गई है। ऐसा माना जा रहा है कि आतंकी नेटवर्क के तार लखनऊ और लखीमपुर खीरी से जुड़े हैं क्योंकि अहमदाबाद से गिरफ्तार तीन संदिग्धों में एक लखीमपुर का युवक शामिल है, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ की एक महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। यूपी के दोनों शहरों में जांच का स्तर बढ़ा दिया गया है।

बता दें कि 10 नवंबर की शाम दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के बाद कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापे पड़ रहे हैं। वहीं मंगलवार को लखनऊ में भी एक डॉक्टर के यहां छापा एटीएस और जम्मू कश्मीर पुलिस ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि इस डॉक्टर के लखनऊ से पहले पकड़ी जा चुकी एक महिला डॉक्टर से संबंध थे। फरीदाबाद में आतंकी साजिश की परतें कश्मीर में जैश-ए-मुहम्मद के समर्थन में लगे पोस्टर से खुलीं। 27 अक्टूबर को आदिल ने श्रीनगर में पोस्टर लगाए थे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ये खुलासा हुआ है। हालांकि आदिल अब पुलिस की गिरफ्त में है।

दिल्ली धमाके का यूपी कनेक्शन.. कैसे?

रविवार को गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार उनकी कुंडली खंगाली जा रही है। इनमें से एक आरोपी मोहम्मद सोहेल, लखीमपुर खीरी जिले के निघासन तहसील के सिंगाही थाना क्षेत्र के झाला गांव का रहने वाला है। वह तीन साल पहले मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में जामिया दारुल उलूम अजीजिया नामक मदरसे में हाफिज की पढ़ाई करने गया था। अब साहेल के परिजनों और करीबियों पर भी पुलिस की नजर है। पुलिस ने एक दिन पहले जब उसके पते का सत्यापन किया और पूछताछ की तो घर से कोई लैपटॉप या टेबलेट नहीं मिला है बल्कि सिर्फ दो मोबाइल मिले हैं। दोनों मोबाइल की जांच की जा रही है।

लखनऊ से डॉक्टर शाहीन शाहिद गिरफ्तार

आतंकी संगठन लखनऊ को अपना नया ठिकाना बनाने की फिराक में थे। पुलिस ने जांच में कई सुराग जुटाए हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ के लालबाग इलाके की रहने वाली डॉक्टर शाहीन शाहिद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक शाहीन की कार का इस्तेमाल डॉ. मुजामिल नाम के व्यक्ति द्वारा किया जाता था। इसी कार से राइफल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। यह वही कार थी, जो हाल ही में श्रीनगर में एक संदिग्ध ठिकाने से जब्त की गई थी। मुजामिल लंबे समय से आतंकवादी संगठनों के संपर्क में था और कई बार लखनऊ आया भी था।