एनी ग्रुप 110 करोड़ की ठगी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, लखनऊ-दिल्ली में 7.30 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कीं

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 110 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एनी ग्रुप ऑफ कंपनीज पर शिकंजा कसा है। एजेंसी ने समूह की 7.30 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है, जिसमें लखनऊ, दिल्ली और उत्तराखंड में स्थित संपत्तियां शामिल हैं।
एनी ग्रुप 110 करोड़ की ठगी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, लखनऊ-दिल्ली में 7.30 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कीं

सैकड़ों लोगों से 110 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के लखनऊ जोनल ऑफिस ने एनी ग्रुप ऑफ कंपनीज और उससे जुड़ी संस्थाओं की 7.30 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।

कुर्क की गई संपत्तियों में तीन अचल संपत्तियां और एक सावधि जमा (Fixed Deposit) शामिल है। ये अचल संपत्तियां लखनऊ, दिल्ली और उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित हैं, जो एनी बुलियन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत थीं। इस कुर्की के साथ ही मामले में अब तक जब्त की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा 16.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

ऐसे दिया गया 110 करोड़ की ठगी को अंजाम

यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई FIR के आधार पर शुरू हुआ था। जांच में सामने आया कि मेसर्स एनी बुलियन ट्रेडर्स और उसकी सहयोगी कंपनियों के निदेशक अजीत कुमार गुप्ता ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक बड़ी साजिश रची। उन्होंने आम जनता को विभिन्न निवेश योजनाओं में पैसा लगाकर भारी रिटर्न का लालच दिया।

लोगों को भरोसा दिलाया गया कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। ईडी की जांच के अनुसार, निवेशकों से लगभग 110 करोड़ रुपये जमा किए गए। इस पैसे को बाद में अपराध की आय को छिपाने के लिए कई कंपनियों और एक सोसाइटी के माध्यम से घुमाया गया।

शेल कंपनियों और सोसाइटी के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग

ईडी ने अपनी जांच में पाया कि निवेशकों से जुटाए गए धन को ‘एनी ग्रुप’ की विभिन्न कंपनियों और मेसर्स आई विजन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के जरिए अवैध रूप से इधर-उधर किया गया। यह सोसाइटी भी मुख्य आरोपी अजीत कुमार गुप्ता द्वारा ही नियंत्रित की जा रही थी। इस पैसे का इस्तेमाल बाद में लखनऊ, दिल्ली और उत्तराखंड में संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया, जिन्हें Anee Bullion Industries Pvt Ltd के नाम पर दिखाया गया।

इससे पहले ईडी ने साल 2023 में भी इस मामले में कार्रवाई करते हुए अजीत कुमार गुप्ता, उनकी आईएफएस पत्नी निहारिका सिंह और एनी ग्रुप की कंपनियों की करीब 9.1 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं। ईडी के अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है।

Ankita Chourdia
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