श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर से मस्जिद हटाने की मांग को लेकर पिछले चार साल से अन्न त्यागकर अनशन पर बैठे दिनेश फलाहारी महाराज को जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने दावा किया है कि एक अज्ञात फोन कॉल पर उन्हें चैनलों पर न बोलने की चेतावनी देते हुए खत्म करने की बात कही गई। इस घटना के बाद महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है।
यह मामला शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन से जुड़ा बताया जा रहा है। फलाहारी महाराज अक्सर टीवी चैनलों पर होने वाली बहसों में हिस्सा लेते रहे हैं।
अज्ञात नंबर से आया धमकी भरा फोन
फलाहारी महाराज के अनुसार, उन्हें एक अंजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि वे चैनलों पर ज्यादा बोलना बंद कर दें। महाराज ने अपने पत्र में धमकी का जिक्र किया है।
“सब कुछ खत्म कर देंगे, जान से मार देंगे, चैनलों पर ज्यादा मत बोल।” — फलाहारी महाराज द्वारा बताए गए धमकी के शब्द
महाराज ने यह भी दावा किया है कि फोन पर धमकी देने वाले की आवाज से वह मुस्लिम समुदाय का प्रतीत हो रहा था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है।
आशुतोष ब्रह्मचारी पर भी संदेह
इस पूरे मामले में फलाहारी महाराज ने आशुतोष ब्रह्मचारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके साथ कोई भी अनहोनी होती है, तो इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ-साथ आशुतोष ब्रह्मचारी को भी जिम्मेदार माना जाना चाहिए। महाराज का आरोप है कि आशुतोष ब्रह्मचारी उन्हें पहले भी प्रयागराज हाईकोर्ट परिसर में जान से मारने की धमकी दे चुके हैं। दोनों के बीच टीवी डिबेट्स को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है।
चार साल से जारी है अनशन
दिनेश फलाहारी महाराज, जो श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष भी हैं, अपनी एक संकल्प यात्रा के तहत पिछले 4 वर्षों से अनशन पर हैं। उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से मस्जिद नहीं हट जाती, वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। अपने इसी संकल्प और बयानों को लेकर वह लगातार चर्चा में रहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की गहन जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।






